उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

खिचड़ी एक ऐसा व्यंजन है जो सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक माना जाता है. यह व्यंजन दाल और चावल के मिलन से बनता है, जो अलग-अलग अन्नों को एक साथ जोड़कर एक नई चीज बनाता है. मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी भोज का आयोजन होता है, जो समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाता है.खिचड़ी… खाने की थाली में परोसे गए इस व्यंजन का नाम ऐसा क्यों पड़ा होगा? फूड एक्सपर्ट बताते हैं कि खिचड़ी मिलावट का नाम है. दो अन्न मिलकर कुछ तीसरा ही बन गया तो वो हो गई खिचड़ी. अब कहने को ये है तो दाल और चावल, लेकिन मिला दिया तो न दाल रही और न बचा चावल, बन गई कोई तीसरी ही चीज, जिसका नाम रखा खिचड़ी.
