उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की हत्या से पूरा शहर स्तब्ध है। जो अर्जुन कल तक अपनी जिंदादिली के लिए जाने जाते थे, आज वो सिर्फ यादों में बाकी रह गए हैं। खेल, विंटेज कारों और बेजुबानों (डॉग्स) के प्रति उनका प्रेम जगजाहिर था।गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की हत्या से पूरा शहर स्तब्ध है। जो अर्जुन कल तक अपनी जिंदादिली के लिए जाने जाते थे, आज वो सिर्फ यादों में बाकी रह गए हैं। खेल, विंटेज कारों और बेजुबानों (डॉग्स) के प्रति उनका प्रेम जगजाहिर था।अर्जुन को खेलों से था प्रेम,अर्जुन का खेलों से गहरा लगाव था। वे नियमित रूप से टेनिस खेलते थे और घटना वाले दिन भी वे परेड ग्राउंड से टेनिस खेलकर ही बाहर निकले थे, जब उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। अपने पिता की स्मृति को जीवित रखने के लिए वे हर साल उनकी याद में एक फुटबॉल टूर्नामेंट का भी आयोजन करवाते थे।विंटेज कारों और डॉग्स से था बेहद लगाव,अर्जुन को विंटेज कारों का बेहद शौक था। उनके घर और एजेंसी में कई पुरानी और नायाब गाड़ियां खड़ी रहती थीं, जिन्हें वे बड़े जतन से रखते थे। इसके अलावा, वे ‘डॉग लवर’ भी थे। उनके घर में कई देसी एवं विदेशी नस्ल के कुत्ते हैं। उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर मौजूद तमाम तस्वीरें उनकी इस जिंदादिली और शौक की गवाही देती हैं।
12 जनवरी को मनाया था जन्मदिन का जश्न
बीती 12 जनवरी को अर्जुन ने परिवार के साथ अपना जन्मदिन मनाया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी जन्मदिन होगा। खुशमिजाज अर्जुन के यूं चले जाने से परिजनों और दोस्तों में गहरा शोक है।मां ने चढ़ाई बेटे की बलि,आपको बताते चलें कि देहरादून में पुलिस ने शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन शर्मा के खूनी ड्रामे से पर्दा हटा दिया है। रिश्तों के कत्ल की इस कहानी के तीन आरोपी हाई प्रोफाइल निकले हैं। सबसे चौंकाने वाला था ममता की छांव के पीछे का लालच।चौदह करोड़ के इस खूनी सौदे में जो शहीद की विरासत और एक मां के हाथों बेटे की बलि की दास्तां है। खुलासा हुआ कि 12 लाख रुपये की सुपारी देकर अर्जुन की हत्या कराई गई। पुलिस ने पांच हत्यारोपी गिरफ्तार किए हैं।
