उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
लगातार आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिस कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. अप्रैल के महीने में गेहूं की कटाई प्रारंभ हो जाती है. ऐसे में अचानक मार्च के मौसम में परिवर्तन के साथ गेहूं की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है. तेज हवाओं के साथ गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे करीबन 20 से 30% उत्पादन कम हो सकता है. किसान अपनी फसलों को लेकर काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं.अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानो की कमर तोड़कर रख दी है. बेमौसम हुई बारिश के कारण खेतों में तैयार खड़ी और कटी पड़ी सरसों व गेहूं को नुकसान पहुंचा रहा है वहीं आलू की फसलें अभी खेत में पक रही हैं उसको भी नुकसान पहुंचा है. लगातार आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिस कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. अप्रैल के महीने में गेहूं की कटाई प्रारंभ हो जाती है. ऐसे में अचानक मार्च के मौसम में परिवर्तन के साथ गेहूं की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है. तेज हवाओं के साथ गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे करीबन 20 से 30% उत्पादन कम हो सकता है. किसान अपनी फसलों को लेकर काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं.सरसों की फसल को हो रहा नुकसान,लोकल 18 से बातचीत करते हुए किसान राम सिंह पाल बताते हैं कि 2 एकड़ गेहूं की फसल लगाई हुई है. अचानक हुए मौसम के परिवर्तन के कारण गेहूं की फसल अभी तैयार नहीं हो पाई थी. अचानक तेज हवाओं व शुरू हुई बारिश के साथ गेहूं की फसल खेत में गिर गई है. जिससे फसल उत्पादन में नुकसान होगा, वहीं सबसे अधिक नुकसान तेज हवाओं के कारण हुआ है. वही किसान राम सिंह पाल बताते हैं कि सरसों की फसल तैयार हो जा चुकी थी और काटने को थी अचानक मौसम में परिवर्तन होने के कारण सरसों की फसल प्रभावित हुई है. अचानक मौसम परिवर्तन होने के कारण हजारों रुपए का नुकसान हुआ है.
