उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो

मेरठ में सेना के एक जवान पर टोल पर काम करने वालों ने जानलेवा हमला किया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो के आधार पर चार टोल कर्मियों की गिरफ़्तारी हुई है. साथ ही अब NHAI ने टोल प्लाजा पर सख्त एक्शन लिया है।मेरठ/नई दिल्ली:
मेरठ के भूनी टोल प्लाजा पर रविवार को रात आठ बजे भारतीय सेना के जवान से हुई मारपीट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद सेना ने तीखी नाराज़गी जताई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. सेना के जवान से मारपीट के मामले में टोल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. साथ ही उस पर टोल प्लाजा पर 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा है.
मेरठ के टोल प्लाजा पर सेना के जवान से कैसे हुआ विवाद?
जानकारी के मुताबिक जवान कश्मीर में राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात है और छुट्टी खत्म कर ड्यूटी ज्वाइन करने दिल्ली जा रहा था. सेना के जवानों को टोल से छूट मिलती है, इसलिए उसने पहचान पत्र दिखाकर जल्दी निकलने का आग्रह किया. इसी दौरान टोल कर्मचारियों से उसकी बहस हो गई।आरोप है कि टोलकर्मियों ने जवान का आईडी कार्ड छीन लिया और लाठी-डंडों से उसकी पिटाई कर दी. जवान घायल हुआ और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज जारी है.
सेना की हत्या की कोशिश, डकैती की धाराओं में दर्ज कराई प्राथमिकी
सेना की सूर्य कमांड ने बयान जारी कर कहा – “सर्विंग सैनिक के साथ इस तरह की घटना अस्वीकार्य है. दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.” सेना ने मेरठ पुलिस से संपर्क कर FIR दर्ज कराई, जिसमें हत्या की कोशिश, गैरकानूनी जमावड़ा और डकैती की धाराएं शामिल हैं. अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।NHAI ने ठोका 20 लाख का जुर्माना,सेना के विरोध के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने भी टोल ऑपरेटर पर बड़ी कार्रवाई की. टोल एजेंसी मेसर्स धरम सिंह पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. एजेंसी को भविष्य की टोल बिडिंग से प्रतिबंधित करने और मौजूदा अनुबंध खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। NHAI ने अपने बयान में कहा कि वह इस घटना की कड़ी निंदा करता है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी यात्रियों की सुरक्षित व निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
