
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
1950 के दशक में दो शातिर कमोडिटी ट्रेडर्स ने मिलकर अमेरिका के प्याज़ बाज़ार पर कब्ज़ा कर लिया था जिसके बाद कई किसान रातों-रात कंगाल हो गए। इसके बाद भारी विरोध प्रदर्शन हुआ और अमेरिकी संसद ने ‘ऑनियन फ्यूचर्स एक्ट’ पारित किया जो आज भी लागू है। अमेरिका के किसी भी शेयर /कमोडिटी एक्सचेंज पर प्याज़ की फ्यूचर ट्रेडिंग बैन है।
