उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर वाहन खूब रफ्तार पकड़ रहे हैं। पिछले 60 दिन में इस कॉरिडोर पर 27.67 लाख वाहन दौड़े हैं, यानी एक मिनट में 32 वाहनों का आवागमन हुआ है। कार और अन्य लाइट मोटर व्हीकल 87 प्रतिशत व भारी वाहन 10.1 प्रतिशत है। इससे समय और रुपये की बचत हुई है। एनएचएआई का कहना है कि यह एक सड़क नहीं, बल्कि समय और अवसर का सेतु है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल काे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया था, यह 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ था। 14 मई को टोल वसूली शुरू हुई थी। इस पर बड़ी संख्या में वाहन दौड़ रहे हैं। दुपहिया, थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर-ट्राली का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है।इस कॉरिडोर पर दौड़ने वाले वाहनों का एनएचएआई ने ब्योरा जुटाया गया। परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह का कहना है कि 60 दिन (14 मई से 12 जुलाई) तक 27 लाख 67 हजार 47 वाहन दौड़े हैं। प्रतिदिन 46,117 वाहन और हर मिनट में 32 वाहनों का आवागमन हुआ है।सबसे ज्यादा कार व अन्य लाइट मोटर व्हीकल 87 प्रतिशत व भारी वाहन 10.1 प्रतिशत हैं। पहले दिल्ली से देहरादून के सफर में 6-6.30 घंटे लगते थे, लेकिन अब 2.30 से तीन घंटे में पहुंच रहे हैं। यह एक सड़क नहीं, बल्कि समय और अवसर का सेतु है। इससे जनता को बहुत राहत मिली है। यह इकोनामिक कारिडोर केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि मालवाहन एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ बन चुका है।
