उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
अंकुर अग्रवाल, देहरादून। शहर के सबसे बड़े ट्रैफिक अवरोध आढ़त बाजार को खत्म करने की दिशा में सोमवार अहम दिन साबित हो सकता है। देहराखास में विकसित नये आढ़त बाजार में करीब 170 आढ़तियों को प्लाट आवंटित किए जाएंगे।इसके साथ ही वर्षों से लंबित आढ़त बाजार शिफ्टिंग परियोजना को नई गति मिलेगी व सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण का रास्ता भी गति पकड़ेगा।नये आढ़त बाजार का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और सोमवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी इसका निरीक्षण भी करेंगे।करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नये बाजार में पांच मंजिला मल्टीस्टोरी पार्किंग, ओवरहेड टैंक, आंतरिक सड़कें और अन्य आधारभूत सुविधाएं बनकर तैयार हैं।हरिद्वार बाईपास से बाजार तक दो समानांतर मार्ग भी विकसित किए जा चुके हैं। आढ़त बाजार चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 422 संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं। इनमें 19 सरकारी व शेष निजी संपत्तियां हैं।अब तक 166 संपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के पक्ष में हो चुकी है और प्रभावित लोगों को लगभग 40 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।इन 166 संपत्तियों के स्वामियों को नकद मुआवजा दिया गया है। इन्होंने केवल मुआवजे का विकल्प चुना था। जो लोग मुआवजा ले चुके हैं, उन्होंने अपनी संपत्ति का ध्वस्तीकरण भी शुरू कर दिया है।
दिसंबर तक खुलेगा शहर का सबसे बड़ा ट्रैफिक अवरोध
सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक 1.55 किलोमीटर सड़क को 24 मीटर चौड़ा किया जाना है। वर्तमान में यही हिस्सा शहर के लिए सबसे बड़ा ‘बाटलनेक’ बना हुआ है।थोक कारोबार और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। परियोजना पूरी होने के बाद पुराने शहर में यातायात का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।
विवादित संपत्तियों का अधिग्रहण भी आगे बढ़ा
आढ़त बाजार और इनामुल्ला बिल्डिंग क्षेत्र की करीब 30 विवादित संपत्तियों के मामलों में भी प्रगति हुई है। एमडीडीए इनका मूल्यांकन कर मुआवजे की राशि न्यायालय में जमा करा चुका है, जिससे कानूनी विवाद के बावजूद परियोजना आगे बढ़ सके।
