उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
फिल्म ‘केदारनाथ’ पर प्रतिबंध और देवस्थानम बोर्ड भंग करवाना संगठन की बड़ी जीत: संदीप खत्री।
बद्रीनाथ सिंह द्वार आंदोलन और ‘पंचगव्य शुद्धि अभियान’ संगठन के ऐतिहासिक मील के पत्थर।
कार्यकारिणी विस्तार: अनिल कुमार को सौंपी गई देहरादून जिले की कमान।
देहरादून। उत्तराखंड के पहले क्षेत्रीय हिंदुत्ववादी संगठन ‘भैरव सेना’ की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ लैंसडाउन चौक स्थित “उत्तरांचल प्रेस क्लब” में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर और भैरव जी की स्तुति के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत व प्रसिद्ध हिंदुत्ववादी नेता स्वामी दर्शन भारती, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व कोषाध्यक्ष तनवीर सिंह एवं सैन्य शिरोमणी विभूषित तथा एडीआर उत्तराखंड के प्रदेश संयोजक मुकुंद कृष्ण दास मुख्य रूप से उपस्थित रहे।संगठन के संस्थापक एवं केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने 6 वर्षों के सफर पर प्रकाश डालते हुए मुख्य उपलब्धियां गिनाईं।फिल्म ‘केदारनाथ’ पर प्रतिबंध: देवभूमि की संस्कृति को आहत करने वाली फिल्म ‘केदारनाथ’ को संगठन के उग्र विरोध के बाद राज्य में प्रतिबंधित कराया गया।देवस्थानम बोर्ड भंग: दो वर्षों के आक्रामक आंदोलन के फलस्वरूप सरकार को देवस्थानम बोर्ड भंग करना पड़ा।बद्रीनाथ सिंह द्वार आंदोलन: श्री बद्रीनाथ धाम के सिंह द्वार पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर किया गया यह उत्तराखंड का पहला और ऐतिहासिक आंदोलन था।मांस प्रतिबंध व धर्मांतरण कानून: केदारनाथ यात्रा मार्ग (कुंड से गौरीकुंड) पर मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगवाया और कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करवाने में क्रमिक अनशन के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभाई।,उन्होंने बताया कि पूर्व में चलाए गए संगठन के ऐतिहासिक ‘पंचगव्य शुद्धि अभियान यात्रा’ की अपार सफलता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के तहत 21 संस्कार केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। लव जिहाद, लैंड जिहाद और पलायन रोकने के लिए देहरादून में निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र संचालित है, जिसका विस्तार सभी 13 जिलों में किया जाएगा।इस दौरान संगठन को मजबूती देने के लिए कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए लगभग 30 सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसमें देहरादून जिले की कमान अनिल कुमार को दी गई। संदीप खत्री ने भविष्य के लक्ष्यों की घोषणा करते हुए कहा कि अब संगठन पूरे उत्तराखंड में ‘तीर्थ सुधार नियमावली अभियान’ चलाकर समस्त तीर्थों की शुचिता व मर्यादा सुनिश्चित कराएगा। इसके साथ ही, युवा पीढ़ी को बचाने के लिए पूरे प्रदेश में ‘नशा मुक्त देवभूमि अभियान’ के तहत एक आक्रामक आंदोलन छेड़ा जाएगा। भैरव सेना ने संगठनात्मक रूप से उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्यों को नई जिम्मेदारियों के साथ-साथ सम्मानित भी किया जिसमें मुख्य रूप से केन्द्रीय सचिव संजय पंवार, प्रदेश संगठन मंत्री गणेश जोशी, अन्नू राजपूत, मयंक मलेठा, अमन कुमार, गीता बिष्ट, सुनीता थापा इत्यादि रहे। कार्यक्रम का संचालन केन्द्रीय सचिव संजय पंवार ने तथा व्यवस्थापक गणेश जोशी, अन्नू राजपूत और कल्पना भंडारी रहे।

