उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
देश की प्रथम रीजनल रैपिड रेल यानी नमो भारत वर्तमान में मेरठ से दिल्ली तक दौड़ रही है। इस अत्याधुनिक सेवा को इतना पसंद किया जा रहा है कि ट्रेन के डिब्बे भरे रहते हैं। पीक आवर्स के लिए अतिरिक्त फेरे बढ़ाने पड़े हैं।इसकी सफलता को देखते हुए इसका विस्तार ऋषिकेश तक करने की मांग उठी थी, जिस पर उप्र सरकार व उत्तराखंड सरकार के बीच सहमति बनी थी। हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष प्रस्ताव रखा था।प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के माध्यम से नमो भारत ट्रेन का मुजफ्फरनगर तक विस्तार करने के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री को प्रस्ताव भेजा। उसी कड़ी में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को विस्तृत कार्य योजना (DPR) तैयार करने के लिए भारत सरकार की ओर से चार करोड़ रुपये धनराशि जारी हो चुकी है। एनसीआरटीसी अब डीपीआर के लिए सर्वे शुरू करेगा। सात महीने में डीपीआर तैयार करने की समय सीमा रखी गई है।प्रदीप द्विवेदी, मेरठ। देश की प्रथम रीजनल रैपिड रेल यानी नमो भारत वर्तमान में मेरठ से दिल्ली तक दौड़ रही है। इस अत्याधुनिक सेवा को इतना पसंद किया जा रहा है कि ट्रेन के डिब्बे भरे रहते हैं। पीक आवर्स के लिए अतिरिक्त फेरे बढ़ाने पड़े हैं।इसकी सफलता को देखते हुए इसका विस्तार ऋषिकेश तक करने की मांग उठी थी, जिस पर उप्र सरकार व उत्तराखंड सरकार के बीच सहमति बनी थी। हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष प्रस्ताव रखा था।प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के माध्यम से नमो भारत ट्रेन का मुजफ्फरनगर तक विस्तार करने के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री को प्रस्ताव भेजा। उसी कड़ी में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को विस्तृत कार्य योजना (DPR) तैयार करने के लिए भारत सरकार की ओर से चार करोड़ रुपये धनराशि जारी हो चुकी है। एनसीआरटीसी अब डीपीआर के लिए सर्वे शुरू करेगा। सात महीने में डीपीआर तैयार करने की समय सीमा रखी गई है।मेरठ के मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक 82 किमी लंबे कारिडोर पर वर्तमान में नमो भारत ट्रेन दौड़ रही है। 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ने वाली यह ट्रेन सभी मौसम में समान गति से दौड़ती रहती है। मेट्रो सेवा की तरह इसकी ट्रेनें भी 10 से 15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होती हैं, जिसके कारण यह नौकरीपेशा लोग ही नहीं विद्यार्थियों के लिए भी पसंदीदा परिवहन सेवा बनती जा रही हैं। ये ट्रेन एक घंटे से भी कम समय में मेरठ से दिल्ली पहुंचा रही है।मेरठ से दिल्ली तक प्रतिदिन लगभग एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं। खुश खबर यह है कि कुछ वर्षों में इस कारिडोर का विस्तार ऋषिकेश तक हो जाएगा, जिससे मेरठ होते हुए उत्तराखंड व दिल्ली तक ढाई घंटे से भी कम समय में सफर कर सकेंगे। मेरठ से ऋषिकेश तक कारिडोर के पिलर हाईवे व प्रमुख सड़कों के डिवाइडर पर बनेंगे।मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा तक हाईवे के डिवाइडर पर पिलर बनेंगे जबकि उसके आगे इसका एलाइनमेंट बाईपास से रहेगा। दरअसल, मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर भवनों की अधिकता होने के कारण शहर के अंदर पिलर निर्माण मुश्किल रहेगा।बहरहाल फिजिबिलिटी रिपोर्ट व एलाइनमेंट सर्वे के आधार पर तय होगा कि कारिडोर किस सड़क से होकर गुजरेगा और स्टेशन कहां बनेंगे। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि डीपीआर के लिए निर्देश मिले हैं। डीपीआर तैयार करने के लिए नियमानुसार धनराशि भी मिल चुकी है। प्रयास रहेगा कि निर्धारित समय सीमा सात महीने से पहले ही डीपीआर तैयार कर ली जाए।
