उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी परियोजना 92% पूरी हो चुकी है
हरिद्वार बाईपास (15 किमी) 77% पूर्ण, शहर का यातायात दबाव कम करेगा
परियोजनाएं अर्धकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार को जाममुक्त करेंगी
राज्य ब्यूरो, देहरादून। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की हरिद्वार शहर में निर्माणाधीन दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं पूरी होने जा रही हैं।पहली परियोजना हरिद्वार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करेगी, वहीं दूसरी परियोजना हरिद्वार बाईपास है। यह दोनों ही प्रोजेक्ट अंतिम चरण में हैं।इनके पूरा होने से हरिद्वार में अर्धकुंभ से पहले यातायात व्यवस्था को जाम से बड़ी राहत मिल जाएगी।हरिद्वार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करने वाली परियोजना में एनएचएआइ 51 किलोमीटर लंबा छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बना रहा है। इसका 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।अब तक 46 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा किया जा चुका है। यह हरिद्वार के लिए एक नया सीधा कनेक्टिंग हाईवे है, जो मुख्य दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से निकलकर सीधे हरिद्वार तक पहुंचेगा।इसका उद्देश्य बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर के अंदर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से बचाते हुए तेज और सुगम रास्ता उपलब्ध कराना है।इस नए मार्ग के शुरू होने से दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उप्र से आने वाले वाहनों को हरिद्वार शहर के अंदर प्रवेश किए बिना ही एक वैकल्पिक और तेज मार्ग मिल सकेगा। इससे शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।इसी प्रकार 15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) का लगभग 77 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर चंडी देवी मंदिर के पास एनएच-34 तक जाएगा।इसके चालू होने के बाद हर की पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात का दबाव काफी कम होने की संभावना है।अर्धकुंभ के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए ये परियोजनाएं बेहद अहम मानी जा रही हैं। अभी सप्ताहांत, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर में लंबे जाम की स्थिति बन जाती है।नई सड़क परियोजनाओं के जरिए बाहरी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलने से शहर के भीतर यातायात अधिक व्यवस्थित रहेगा।इसके अलावा हरिद्वार-मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई भीड़भाड़ वाले जंक्शनों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण भी जारी है।साथ ही एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) लागू कर रियल टाइम ट्रैफिक मानिटरिंग और आपातकालीन सहायता को भी मजबूत किया जा रहा है।एनएचएआइ का लक्ष्य अर्धकुंभ-2027 से पहले इन सभी परियोजनाओं को पूरा कर हरिद्वार को जाम-मुक्त सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना है।
