उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
उत्तराखंड क्रांति दल जिला उत्तरकाशी का एक प्रतिनिधिमंडल किरन रावत एडवोकेट केंद्रीय महामंत्री के नेतृत्व में जिलाधिकारी उत्तरकाशी से नगर क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन में हो रही अनियमिताओं को लेकर ज्ञापन प्रेषित किया किरन रावत ने कहा कि उत्तरकाशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा विश्वप्रसिद्ध गंगोत्री धाम का प्रवेश द्वार है। किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि आज यही धर्मनगरी अव्यवस्थित कचरा प्रबंधन, प्रशासनिक उदासीनता और पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है।नगर में कचरा प्रबंधन के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये व्यय किए जा रहे हैं, फिर भी नगर के विभिन्न क्षेत्रों में कूड़े के ढेर लगे हैं। Solid Waste Management Rules, 2016 के अंतर्गत कचरे का पृथक्करण (Segregation) अनिवार्य होने के बावजूद इसकी समुचित व्यवस्था आज तक धरातल पर दिखाई नहीं देती। जानकारी के अनुसार संबंधित फर्म द्वारा मिश्रित कचरे को बिना वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाए सीधे परिवहन किया जा रहा है, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।वर्तमान वर्षा ऋतु में खुले में पड़ा कचरा बहकर सीधे माँ भागीरथी में पहुँच रहा है। यह केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। यह किसी एक संगठन का विषय नहीं, बल्कि उत्तरकाशी की अस्मिता, पर्यावरण संरक्षण, माँ गंगा की पवित्रता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का प्रश्न है। आगे किरन रावत ने मांग करते हुए कहा कि
1. उत्तरकाशी नगर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. संबंधित फर्म के कार्य, अनुबंध एवं भुगतान की समीक्षा कर आवश्यक होने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
3. नगर में वर्षों से कचरा प्रबंधन पर भारी सरकारी धनराशि व्यय किए जाने के बावजूद आज तक कचरे के पृथक्करण (Segregation) की प्रभावी व्यवस्था विकसित क्यों नहीं की गई, इसकी उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
4. बरसात के दौरान भागीरथी नदी में कचरा जाने से रोकने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।
5. लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उत्तराखंड क्रांति दल आशा करता है कि जनभावनाओं, उत्तरकाशी की गरिमा तथा पर्यावरणीय दायित्वों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। यदि 15 दिवस के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो जनहित में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में युवा अध्यक्ष सुरजीत राणा ,मीडिया प्रभारी पंकज उनियाल ,ब्लॉक अध्यक्ष डंडा रोहित रावत ,मोहित मथुरा, जिला प्रचार मंत्री उपेंद्र राणा, सचिन कुमार, परिपूर्ण रावत आदि उपस्थित रहे l
