उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
राजकीय बाल सुधार गृह में जिला प्रशासन बेसिक लर्निंग प्रोग्राम शुरू कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि पढ़ाई से दूर हो चुके बच्चों को फिर से मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।साथ ही सभी बालक का विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर उसकी पारिवारिक, शैक्षिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि का आकलन भी किया जाएगा।यह निर्देश जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने गुरुवार को केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह और किशोरी गृह का औचक निरीक्षण के दौरान दिए।जिलाधिकारी ने वहां रह रहे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं की समीक्षा की।उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे और महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।जिलाधिकारी ने बाल सुधार गृह में रह रहे किशोरों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, दिनचर्या, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि यहां तत्काल बेसिक लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया जाए।
केवल निगरानी नहीं, व्यक्तित्व विकास पर भी जोर
डीएम ने कहा कि संस्थानों में रहने वाले बच्चों की नियमित मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियां लगातार संचालित की जाएं। उनका उद्देश्य केवल देखरेख नहीं, बल्कि बच्चों का प्रभावी पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक वापसी होना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और जिन बच्चों को विशेष शैक्षणिक या मनोवैज्ञानिक सहयोग की आवश्यकता है, उनके लिए अलग कार्ययोजना बनाई जाए।
नारी निकेतन की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
नारी निकेतन और किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं, आवासीय सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं का भी निरीक्षण किया।उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संवासिनियों और किशोरियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
179 संवासियों की देखभाल की जिम्मेदारी
वर्तमान में नारी निकेतन में 160 महिलाएं, बाल सुधार गृह में सात किशोर और किशोरी संप्रेक्षण गृह में 12 किशोरियां रह रहीं हैं। जिलाधिकारी ने सभी संस्थानों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया।निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, समिति सदस्य पीएन जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
