उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
सोशल मीडिया में नकारात्मक नैरेटिव (प्रचार) के इस दौर से निपटने के लिए आरएसएस दक्ष स्वयंसेवक तैयार कर रहा है। इसके लिए देहरादून में कई स्तर के प्रशिक्षण हो भी चुके हैं।व्यक्तिगत स्तर पर परिवारों या समाज में घर-घर तक जुड़ाव रखने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक अब आपको सोशल मीडिया में भी सक्रिय नजर आएंगे। सोशल मीडिया में नकारात्मक नैरेटिव (प्रचार) के इस दौर से निपटने के लिए आरएसएस दक्ष स्वयंसेवक तैयार कर रहा है। इसके लिए देहरादून में कई स्तर के प्रशिक्षण हो भी चुके हैं।बीते कुछ वर्षों में सोशल मीडिया में नैरेटिव का दौर तेज हुआ है। हाल-फिलहाल में भी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें संघ को लेकर भी तमाम तरह के नकारात्मक नैरेटिव सामने आ रहे हैं। लगातार बढ़ रही इस चुनौती से निपटने के लिए आरएसएस ने डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने की कसरत तेज की है। संघ ने भी माना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के प्रचार तेजी से फैलते हैं। इनमें कई प्रचार संघ और उसके विचारों के प्रति नकारात्मक होते हैं।इन नकारात्मक प्रचार का सामना करने के लिए विशेष रणनीति की आवश्यकता है। लिहाजा, संघ के स्वयंसेवकों को इसके लिए गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वे तथ्यों और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनी बात रखेंगे। इसका उद्देश्य समाज में सही जानकारी पहुंचाना है। यह टीम संघ के मूल्यों और कार्यों को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी।संघ की यह विशेष टीम दक्ष स्वयंसेवकों से मिलकर बनेगी। स्वयंसेवकों को सोशल मीडिया के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसमें सामग्री निर्माण, वितरण और प्रतिक्रिया प्रबंधन शामिल होगा। टीम के सदस्य ऑनलाइन मंच पर सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। उनका मुख्य कार्य संघ के विचारों को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाना होगा।
नए सकारात्मक नैरेटिव गढ़ेंगे स्वयंसेवक
यह टीम नकारात्मक प्रचार की पहचान करेगी और उनकी काट प्रस्तुत करेगी। वे गलत सूचनाओं का खंडन करने के लिए तथ्यात्मक जानकारी का उपयोग करेंगे। इसके साथ ही, टीम सकारात्मक और रचनात्मक विचार भी चलाएगी। ये विचार संघ के सेवा कार्यों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान पर केंद्रित होंगे। इस पहल से संघ अपनी बात अधिक प्रभावी ढंग से रख पाएगा।सोशल मीडिया में नकारात्मकता से निपटने और सकारात्मक व रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए स्वयंसेवकों को दक्ष बनाया जा रहा है। इसके लिए प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। भविष्य में हमारे ये स्वयंसेवक नैरेटिव की दिशा में प्रभावी काम करते नजर आएंगे।
