उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
बदरीनाथ धाम में दान व चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उस प्रोटोकाल अधिकारी पर केंद्रित हो गई है।जिसे सीसीटीवी फुटेज में दो जुलाई को चढ़ावे की गिनती के दौरान मोबाइल फोन के नीचे नोटों के बंडल ले जाते हुए देखा गया था। उसे गणना व प्रोटोकाल से हटा दिया गया है।इसे लेकर मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने गिनती में शामिल तीन कर्मचारियों को नोटिस दिया है। इसके अलावा गिनती के दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात बदरी-केदार मंदिर समिति के वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी भी सवालों के घेरे में है।
निकले 16 लाख रुपये
बीती दो जुलाई को सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक बदरीनाथ धाम के परिक्रमा स्थल स्थित सभागार में दान-चढ़ावे की गिनती हुई थी। उस दिन 16 लाख से अधिक की धनराशि पांच दान पात्रों से मिली।बताया गया कि दान-चढ़ावे की गिनती के दौरान वहां मंदिर समिति के चार कर्मचारी तैनात थे। गिनती में श्रद्धालु भी शामिल थे। धाम में गिनती के वक्त श्रद्धालुओं को भी शामिल करने की व्यवस्था है।
साधु ने किया था विरोध,इस मौके पर एक प्रोटोकाल अधिकारी मोबाइल के नीचे नोटों की गड्डियां ले जाते हुए देखा गया, जिसका वहां मौजूद साधु ने विरोध भी किया। इसी के बाद यह मामला उछला।धाम में हैं 5 दान पात्र
मंदिर समिति के सूत्रों ने बताया कि मंदिर में पांच दान पात्र हैं, जिनमें दो गर्भगृह व तीन मंदिर परिक्रमा स्थल पर हैं। इन्हें ‘थाली भेंट’ नाम से जाना जाता है। दान पात्रों को एक-एक कर खाली किया जाता है और फिर गिनती होती है।
नोट ले जाने का आरोप
सूत्रों के अनुसार जिस अधिकारी को सीसीटीवी फुटेज में नोटों की गड्डी दबाकर ले जाते देखा जा रहा है, वह उस दिन गणकों में शामिल था। ऐसे में फिलहाल जांच इसी अधिकारी के इर्द-गिर्द घूम रही है।जांच टीम गिनती में लगे अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुला रही है।बताया गया कि गिनती प्रक्रिया पर सीसीटीवी के कंट्रोल रूम से चार कर्मचारी नजर रखते हैं।
