उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
वीकेंड पर मसूरी घूमने पहुंचे सैकड़ों पर्यटकों को शनिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश के चलते दून-मसूरी मार्ग पर गलोगीधार में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गिरे, जिससे मार्ग पर डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा।सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर लोनिवि की जेसीबी मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर यातायात सुचारु कराया।शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे कोल्हूखेत से चूनाखाल के बीच तेज बारिश हुई। इसके बाद गलोगीधार में मलबा-बोल्डर सीधे सड़क पर आ गए।यह वही स्थान है, जहां मानसून में सितंबर 2025 के दौरान सड़क धंस गई थी और करीब तीन हफ्ते यातायात प्रभावित रहा था।इसके बावजूद इस संवेदनशील हिस्से का स्थायी उपचार अब तक नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में हल्की से तेज बारिश के बाद यहां भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं आम हो गई हैं।चूनाखाल से कोल्हूखेत व कोल्हूखेत से मैगी प्वाइंट तक का पूरा क्षेत्र लगातार भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील होता जा रहा है। चार दिन पहले भी हनुमान मंदिर के पास करीब 100 मीटर आगे पहाड़ी से मलबा आने के कारण यातायात बाधित हो गया था।शनिवार की बारिश के बाद क्षेत्र में प्राकृतिक जलस्रोत भी फिर से सक्रिय हो गए हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लोगों ने मांग की है कि दून-मसूरी मार्ग के इस संवेदनशील हिस्से का स्थायी उपाय किया जाए।
