उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
इंडस्ट्री-एकेडेमिया एंगेजमेंट ने एडवांस्ड एनर्जी रिसर्च, कार्बन मैनेजमेंट, हाइड्रोजन और एआई-एनेबल्ड टेक्नोलॉजीज़ में सहयोग के रास्तों पर विचार किया
देहरादून, 17 जुलाई 2026: ऊर्जा क्षेत्र के लिए इनोवेशन-लेड समाधानों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, यूपीईएस, भारत की एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी, ने यूपीईएस और केशव देव मालवीय इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन (केडीएमआईपीई), ओएनजीसी के वरिष्ठ नेतृत्व को एक साथ लाया। इसका उद्देश्य बदलते ऊर्जा परिदृश्य के लिए रिसर्च, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग में दीर्घकालिक सहयोग के अवसरों को तलाशना था।इस संवाद ने यूपीईएस और ओएनजीसी के लिए एआई-ड्रिवन एनर्जी इनोवेशन और क्लीन एनर्जी रिसर्च में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने और मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च तथा उभरती ऊर्जा टेक्नोलॉजीज़ में अवसरों की पहचान करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में काम किया। चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में नेचुरल हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज यानी सीसीयूएस अनकन्वेंशनल एनर्जी रिसोर्सेज़, और एनर्जी एक्सप्लोरेशन एवं प्रोडक्शन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एनेबल्ड समाधान शामिल रहे।डॉ. सुनील राय, वाइस चांसलर, यूपीईएस, के नेतृत्व में आयोजित इस संवाद का फोकस ऐसी इंडस्ट्री-एकेडेमिया पार्टनरशिप्स के मजबूत करने पर था, जो वैज्ञानिक प्रगति को आगे बढ़ा सकें और भारत के अधिक सतत ऊर्जा भविष्य की ओर बदलाव को समर्थन दे सकें। इस कार्यक्रम में श्री तरुण कुमार माथुरिया, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ ऑफ इंस्टीट्यूट यानी सीओआई केडीएमआईपीई, ओएनजीसी, उपस्थित रहे। उन्होंने हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन में ओएनजीसी के अग्रणी योगदान, क्लीन एनर्ज ट्रांज़िशन में इसकी बढ़ती भूमिका, और ऊर्जा क्षेत्र में इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज़ के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. सुनील राय, वाइस चांसलर, यूपीईएस, ने कहा, “ऊर्जा का भविष्य एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच सार्थक सहयोग से आकार लेगा। वैज्ञानिक रिसर्च, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और वास्तविक इंडस्ट्री एक्सपर्टीज़ को एक साथ लाकर हम सतत समाधानों के विकास को गति दे सकते हैं, साथ ही अगली पीढ़ी के प्रोफेशनल्स को ग्लोबल एनर्जी इकोसिस्टम की जटिल् चुनौतियों का समाधान करने के लिए तैयार कर सकते हैं।”कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण यूपीईएस के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम की प्रस्तुति रही। इसमें एडवांस्ड एनर्जी रिसर्च, सस्टेनेबिलिटी, क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजीज़ और इंटरडिसिप्लिनरी साइंटिफिक इनोवेशन में यूनिवर्सिटी के बढ़ते योगदान को दिखाया गया। सेशन में एकेडमिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड ऑपरेशंस (एआईटीओ) के माध्यम से शिक्षा और रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए की गई पहलों को भी रेखांकित किया गया। इसके साथ ही रनवे, यूनिवर्सिटी के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन और एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म, को भी प्रस्तुत किया गया, जो इनोवेशन-लेड वेंचर्स और इंडस्ट्री-रेडी एंटरप्रेन्योर्स को सपोर्ट करता है।दौरे के दौरान, ओएनजीसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीईएस की स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स एंड ट्रेनिंग सेंटर यानी बेस्ट शामिल है। प्रतिनिधिमंडल ने भविष्य की ऊर्जा टेक्नोलॉजीज़ को आगे बढ़ाने पर केंद्रित चल रही रिसर्च पहलों की भी समीक्षा की।संवाद प्रभावशाली इंडस्ट्री पार्टनरशिप्स को बढ़ावा देने, रिसर्च और इनोवेशन को आगे बढ़ाने, और तेजी से बदलते ग्लोबल एनर्जी सेक्टर में प्रगति को आगे ले जाने में सक्षम फ्यूचर-रेडी टैलेंट तैयार करने के प्रति यूपीईएस की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: www.upes.ac.in
यूपीईएस के बारे में:
उत्तराखंड राज्य विधानमंडल के यूपीईएस अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित, यूपीईएस एक टॉप-रैंक्ड, यूजीसी मान्यता प्राप्त निजी यूनिवर्सिटी है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी एनआईआरएफ 2025 के अनुसार, यूपीईएस को यूनिवर्सिटीज़ में 45वां स्थान मिला है। इसके साथ ही लॉ में 18वां, मैनेजमेंट में 36वां और इंजीनियरिंग में 43वां स्थान मिला है। टाइम्स हायर एजुकेशन यानी टीएचई वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 के अनुसार, यूपीईएस अब वैश्विक स्तर पर 501-600 बैंड में और भारत में 5वें स्थान पर है, जो 2025 में 7वें स्थान से बेहतर है। विशेष रूप से, रिसर्च क्वालिटी में यूपीईएस ने केवल एक वर्ष में 57 स्थानों की छलांग लगाई और वैश्विक स्तर पर 299वां स्थान हासिल किया। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 द्वारा भारत में अकादमिक रेप्युटेशन के आधार पर नंबर 1 निजी यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया है। यह दुनिया की टॉप 2% यूनिवर्सिटीज़ में शामिल है।यूपीईएस को विश्व स्तर पर प्रशंसित क्यूएस रेटिंग द्वारा एम्प्लॉयबिलिटी यानी प्लेसमेंट्स में 5 स्टार मिले हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची के अनुसार, यूपीईएस के 50+ फैकल्टी मेंबर्स दुनिया के टॉप 2% रिसर्चर्स में शामिल हैं।यूपीईएस अपने सात स्कूलों के माध्यम से ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स प्रदान करता है: स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस, स्कूल ऑफ डिजाइन, स्कूल ऑफ लॉ, स्कूल ऑफ बिजनेस, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी, और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज़ एंड ह्यूमैनिटीज़। यूपीईएस परिवार में 20,000+ छात्र, 1,500+ फैकल्टी और स्टाफ मेंबर्स, और 40,000+ एलुमनाई की एक मजबूत कम्युनिटी शामिल है, जो अलग-अलग सेक्टर्स में ईवाई, केपीएमजी, बेन एंड कंपनी, मैकिन्से एंड कंपनी, कैपजेमिनी, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ऑरेकल, नेस्ले, आईटीसी, अदाणी पावर, ओएनजीसी, जीएमआर, टीसीएस, विप्रो, इन्फोसिस, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, एक्सेंचर, डेलॉइट और अन्य प्रमुख ब्रांड्स में काम करते हैं।
