उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
यह पहल ग्रामीण और वंचित समुदायों के युवा विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई लिटरेसी, डिजिटल स्किल्स, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और सोशल इनोवेशन क्षमताओं से लैस करने के लिए तैयार की गई है। यह 11-दिवसीय कार्यक्रम कल्पवृक्ष सस्टेनेबल डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा यूपीईएस डिपार्टमेंट ऑफ सोशल आउटरीच के सहयोग से यूपीईएस के बिधौली कैंपस में आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के 13 जिलों से 45 मेधावी छात्रों को एक साथ लाया गया, जिनमें से कई राज्य के दूरस्थ पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। एक इमर्सिव और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग अनुभव के माध्यम से, प्रतिभागियों को एआई लिटरेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, डिजाइन थिंकिंग, कम्युनिकेशन स्किल्स, डिजिटल प्रॉब्लम-सॉल्विंग और सोशल एंटरप्रेन्योरशिप की समझ मिली।इस कार्यक्रम का एक मुख्य फोकस छात्रों को अपने समुदायों की वास्तविक चुनौतियों की पहचान करने और उनके लिए टेक्नोलॉजी-एनेबल्ड समाधान विकसित करने में सक्षम बनाना था। टीमों में काम करते हुए, प्रतिभागियों ने अपने गांवों और स्थानीय इकोसिस्टम से जुड़े मुद्दों को समझा, स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद किया, और अपनी कम्युनिटी की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से सरल एआई-असिस्टेड डिजिटल प्रोटोटाइप बनाए।कार्यक्रम के दौरान, छात्रों ने एआई सेफ्टी, डिजिटल लिटरेसी, प्रॉम्ट इंजीनियरिंग, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, कैनवा-बेस्ड कम्युनिकेशन, बिगिनर-फ्रेंडली कोडिंग, सोशल स्टार्टअप डिजाइन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट जैसे विषयों पर सेशन्स में भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य युवा विद्यार्थियों को टेक्नोलॉजी के केवल पैसिव यूज़र्स के बजाय समाधान बनाने वाले क्रिएटर्स के रूप में सशक्त करना था।डॉ. सुनील राय, वाइस चांसलर, यूपीईएस, ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज और भविष्य के कामकाज के हर पहलू,को तेजी से बदल रहा है। इसलिए यह आवश्यक है कि युवाओं को, उनकी भौगोलिक या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, ऐसे अवसर मिलें जो उन्हें डिजिटल कॉन्फिडेंस, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स विकसित करने में मदद करें। डिजिटल कैटेलिस्ट प्रोग्राम के लिए हमारे सहयोग के माध्यम से, हम उत्तराखंड के छात्रों को वह ज्ञान, टूल्स और एक्सपोज़र देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनकी उन्हें फ्यूचर रेडी लर्नर्स, इनोवेटर्स और चेंजमेकर्स बनने के लिए जरूरत है। ऐसी पहलें शिक्षा और टेक्नोलॉजी के माध्यम से सार्थक सामाजिक प्रभाव पैदा करने के हमारे विज़न से गहराई से जुड़ी हुई हैं।”इस कार्यक्रम ने छात्रों को हायर एजुकेशन, स्कॉलरशिप्स, एंटरप्रेन्योरशिप और उभरते करियर अवसरों के रास्तों से भी परिचित कराया। आने वाले छात्रों को ‘यूपीईएस-बेस्ट सेंटर’ का दौरा कराया गया, जो यूपीईएस कैंपस में बजाज ऑटो लिमिटेड के साथ साझेदारी में स्थापित एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट अपस्किलिंग हब है। यह सेंटर एकेडेमिया और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बीच की दूरी को कम करने के लिए इंडस्ट्री-ग्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराता है। यह सेंटर विशेष रूप से टियर-2/टियर-3 शहरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को स्कॉलरशिप्स और वर्ल्ड-क्लास रिसोर्सेज़ तक पहुंच देकर सशक्त बनाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टेक्नोलॉजी शिक्षा को कम्युनिटी एंगेजमेंट और रियल-वर्ल्ड प्रॉब्लम सॉल्विंग के साथ जोड़कर सामाजिक रूप से जागरूक और टेक्नोलॉजी से सशक्त युवाओं की एक पीढ़ी तैयार करना था।
अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: www.upes.ac.in
यूपीईएस के बारे में:
उत्तराखंड राज्य विधानमंडल के यूपीईएस अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित, यूपीईएस एक टॉप-रैंक्ड, यूजीसी-मान्यता प्राप्त निजी यूनिवर्सिटी है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी एनआईआरएफ 2025 के अनुसार, यूपीईएस को यूनिवर्सिटीज़ में 45वां स्थान मिला है। इसके साथ ही लॉ में 18वां, मैनेजमेंट में 36वां और इंजीनियरिंग में 43वां स्थान मिला है। टाइम्स हायर एजुकेशन यानी टीएचई वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 के अनुसार, यूपीईएस अब वैश्विक स्तर पर 501-600 बैंड में और भारत में 5वें स्थान पर है, जो 2025 में 7वें स्थान से बेहतर है। विशेष रूप से, रिसर्च कालिटी में यूपीईएस ने केवल एक वर्ष में 57 स्थानों की छलांग लगाई और वैश्विक स्तर पर 299वां स्थान हासिल किया। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 द्वारा भारत में अकादमिक रेप्युटेशन के आधार पर नंबर 1 निजी यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया है। यह दुनिया की टॉप 2% यूनिवर्सिटीज़ में शामिल है।यूपीईएस को विश्व स्तर पर प्रशंसित क्यूएस रेटिंग द्वारा एम्प्लॉयबिलिटी यानी प्लेसमेंट्स में 5 स्टार मिले हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची के अनुसार, यूपीईएस के 50+ फैकल्टी मेंबर्स दुनिया के टॉप 2% रिसर्चर्स में शामिल हैं।यूपीईएस अपने सात स्कूलों के माध्यम से ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स प्रदान करता है: स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस, स्कूल ऑफ डिजाइन, स्कूल ऑफ लॉ, स्कूल ऑफ बिजनेस, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी, और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज़ एंड ह्यूमैनिटीज़। यूपीईएस परिवार में 19,100+ छात्र, 1,500+ फैकल्टी और स्टाफ मेंबर्स, और 40,000+ एलुमनाई की एक मजबूत कम्युनिटी शामिल है, जो अलग-अलग सेक्टर्स में ईवाई, केपीएमजी, बेन एंड कंपनी, मैकिन्से एंड कंपनी, कैपजेमिनी, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ऑरेकल, नेस्ले, आईटीसी, अदाणी पावर, ओएनजीसी, जीएमआर, टीसीएस, विप्रो, इन्फोसिस, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, एक्सेंचर, डेलॉइट और अन्य प्रमुख ब्रांड्स में काम करते हैं।
