उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो
आज भैरव सेना संगठन द्वारा शहीद स्मारक कचहरी परिसर देहरादून में रक्तदान शिविर लगवाया गया जहां पर संगठन के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बताया कि पृथक राज्य उत्तराखंड की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 1994 को दिल्ली जा रहे निहत्थे राज्य आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर हुई बर्बर पुलिस कार्रवाई उत्तराखंड के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक और काला अध्याय है। तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान घटी इस घटना में कई आंदोलनकारियों ने अपने प्राण न्योछावर किए, अनेक घायल हुए और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। यह दिन हमें याद दिलाता है कि उत्तराखंड राज्य हमें किसी राजनीतिक सौगात में नहीं, बल्कि आंदोलनकारियों के अभूतपूर्व त्याग और बलिदान से मिला है। अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा “शहीदों के सपनों का उत्तराखंड” के संकल्प को दोहराने के उद्देश्य से भैरव सेना संगठन की ओर से आज स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जोकि विगतकईवर्षोंसे लगायाजा रहा है। रक्तदान शिविर सुबह 9:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक संचालित हुआ। इस दौरान स्थानीय निवासियों और युवाओं में रक्तदान को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में लोग शहीदों की याद में रक्तदान करने पहुंचे। हालांकि, जांच प्रक्रिया के दौरान कई लोगों के शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव होने तथा कुछ के हाल ही में रक्तदान कर चुके होने के कारण उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनुमति नहीं दी जा सकी। अंततः शिविर में 33 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।रक्तदान शिविर का नेतृत्व भैरव सेना के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार की अध्यक्षता में किया गया, जबकि कार्यक्रम के संयोजक प्रदेश संगठन मंत्री गणेश जोशी रहे। शिविर में रक्तदान करने वालों में संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री, केंद्रीय सचिव संजय पवार, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मयंक मलेठा और जिला उपाध्यक्ष गजेंद्र चौहान सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं व आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शहीदों की शहादत उत्तराखंड की अमूल्य विरासत है। जनसेवा और रक्तदान के माध्यम से उनके सपनों का राज्य बनाने का संकल्प ही अमर शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।

