उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी का मामला इन दिनों सुर्ख़ियों में है.
इस मामले के बाद उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है, जो मंदिर समिति की आंतरिक जांच से आगे बढ़कर पुलिस जांच, राज्य सरकार की उच्चस्तरीय जांच और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है.2 जुलाई को थाली भेंट की गणना के दौरान कथित अनियमितता की सूचना सामने आने के बाद एक सामाजिक संगठन ने मंदिर समिति से शिकायत की.इसके बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया, सरकार ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की और पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की. अब एसआईटी ने इस मामले की जांच शुरू की है.12 जुलाई की रात एसआईटी ने समिति के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया. इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ़ बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी बहस छेड़ दी है कि श्रद्धालुओं के दान की निगरानी और जवाबदेही की मौजूदा व्यवस्था कितनी प्रभावी है.
