उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
धामी सरकार ने बजट में पर्वतीय मार्गों पर बस सेवा को मजबूती देने और मुफ्त यात्रा का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है।धामी सरकार ने इस बार के बजट में पर्वतीय मार्गों पर बस सेवा को मजबूती देने व जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा को बढ़ाने पर खास जोर दिया है।इसी के अंतर्गत उत्तराखंड परिवहन निगम को 107 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है, जिससे पहाड़ों में बस संचालन को सहारा मिलने के साथ ही विभिन्न श्रेणियों को दी जा रही मुफ्त यात्रा की व्यवस्था भी मजबूत होगी।बजट में पर्वतीय मार्गों पर बस संचालन के घाटे की क्षतिपूर्ति के लिए इस बार 60 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 10 करोड़ रुपये अधिक है।पहाड़ों में कम यात्री संख्या व लंबी दूरी के कारण बस सेवा अक्सर घाटे में चलती है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यही ‘जीवनरेखा’ भी है।ऐसे में सरकार की यह सहायता दूरस्थ गांवों तक बस सेवा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी। वहीं, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत दी जा रही मुफ्त यात्रा के लिए भी इस बार बजट बढ़ाया गया है।इस मद में पिछले वर्ष 40 करोड़ रुपये का प्रविधान था, जिसे बढ़ाकर इस बार 42 करोड़ रुपये किया गया है। हाल ही में कुछ नई श्रेणियों को भी मुफ्त यात्रा योजना में शामिल किया गया है, जिसके चलते बजट में वृद्धि की गई है।सरकार ने परिवहन निगम को घाटे से उबारने के लिए अन्य मदों में भी सहायता जारी रखी है। नई बसों की खरीद के लिए निगम द्वारा लिए गए ऋण पर करीब पांच करोड़ रुपये का सालाना ब्याज राज्य सरकार ही वहन करेगी।इससे निगम को अपने बस बेड़े को मजबूत करने में मदद मिलेगी। दरअसल, उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सड़क परिवहन ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ने का प्रमुख साधन है।ऐसे में सरकार की ओर से बजट में किया गया यह प्रविधान न केवल परिवहन निगम के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि पहाड़ों में रहने वाले हजारों लोगों की आवाजाही को भी सुगम बनाएगा।
बस अड्डों में सुधार का पिछला बजट नहीं हुआ खर्च
बस अड्डों के निर्माण और सुधार के लिए सरकार ने पिछले वर्ष 15 करोड़ रुपये की राशि भी बजट में रखी थी, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।लेकिन, परिवहन निगम इस बजट का उपयोग नहीं कर पाया। इस कारण सरकार ने इस बार बस अड्डों के सुधार के लिए कोई धनराशि नहीं दी है।
कुंभ के लिए नई बसों की मांग पर निराशा
अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए निगम कर्मचारी 500 नई बसों की मांग कर रहे थे, लेकिन बजट में ऐसा कोई प्रविधान न होने से कर्मचारियों ने निराशा जताई है।उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि केंद्र से मिली धनराशि से सरकार को परिवहन निगम को नई बसों के लिए बजट देना चाहिए था, ताकि कुंभ में श्रद्धालुओं को सुगम सफर की सुविधा मिल सके।
