🚩 *~ हिंदू पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 29 मार्च 2026*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
⛅ *अमांत – 15 गते चैत्र मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 8 चैत्र मास*
🌤️ *मास – चैत्र*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – एकादशी सुबह 07:46 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र – अश्लेशा दोपहर 02:38 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग – धृति शाम 06:20 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️*राहुकाल – शाम 04:58 से शाम 06:30 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:11*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:33*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- कामदा एकादशी*
💥 *विशेष – *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🚩~*सनातन पंचांग*~🚩
🌷 *कामदा एकादशी* 🌷
➡️ *29 मार्च, रविवार को कामदा एकादशी है।*
*‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करनेवाली है । इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *सोमप्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 30 मार्च, सोमवार को सोमप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अंनग त्रयोदशी* 🌷
🙏🏻 *30 मार्च 2026 सोमवार को अंनग त्रयोदशी के दिन व्रत करने से दाम्पत्य – प्रेम में वृद्धि होती है तथा पति – पुत्रादि का अखंड सुख प्राप्त होता है।*
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