उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
जनपद में पुलिस और जनता के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित करने तथा जन-संवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग सुश्री नीहारिका तोमर द्वारा शुरू की गई नवीन “अभियान प्रहरी पड़ाव” निरंतर जारी है। इस विशेष पहल के प्रथम चरण (02 मार्च से 15 अप्रैल 2026) के अन्तर्गत पुलिस प्रशासन सीधे गांवों में जाकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण कर रहा है।इसी क्रम में बीते कल, 29 मार्च 2026 को कोतवाली अगस्त्यमुनि के अन्तर्गत ग्राम बैंजी में प्रभारी निरीक्षक श्री गुमान सिंह की अध्यक्षता में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। चौपाल के दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय विवादों, विशेषकर भूमि व दीवानी मामलों की जानकारी ली, हालांकि गांव में वर्तमान में ऐसा कोई विवाद संज्ञान में नहीं आया।गोष्ठी के दौरान पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गौरा शक्ति एप और हेल्पलाइन नम्बर 1098 की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही घरेलू हिंसा व बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध ग्रामीणों को जागरुक किया गया। नशे के विरुद्ध “नशा मुक्त देवभूमि अभियान” के तहत ग्रामीणों से अपील की गई कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले असामाजिक तत्वों की गोपनीय सूचना पुलिस को दें, ताकि उन पर कठोर कार्यवाही की जा सके। साइबर अपराधों से बचाव हेतु कोतवाली क्षेत्र में एक ‘साइबर मित्र’ (भिज्ञ आरक्षी) को नामित किया गया है, जिसका सम्पर्क नम्बर ग्रामीणों से साझा किया गया ताकि किसी भी ठगी की स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीणों को गांव के प्रवेश व निकास द्वारों पर CCTV कैमरे लगाने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही पुरानी ग्राम सुरक्षा समितियों का पुनरीक्षण कर ग्राम चौकीदारों को और अधिक सक्रियता से कर्तव्य निर्वहन के निर्देश दिए गए। चौपाल में ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत बाहरी व्यक्तियों के शत-प्रतिशत सत्यापन हेतु ग्रामीणों का सहयोग मांगा गया। इसके अतिरिक्त, गांव में अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार कर उनकी कुशलक्षेम जानी गई और उन्हें हर संभव पुलिस सहायता का भरोसा दिलाया गया।
रुद्रप्रयाग पुलिस का लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना और पारदर्शी तरीके से जन-समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है।
