उत्तराखंड डेली न्यूज; ब्योरो
गैरसैंण के झूमाखेत में महिलाओं की ओर से किया जा रहा था निर्माण,विभाग का कहना- जहां निर्माण किया जा रहा वह भूमि आरक्षित वन क्षेत्र की,
कर्णप्रयाग। गैरसैंण के झूमाखेत में महिलाओं की ओर से जल संरक्षण के लिए बनाई जा रही चाल खाल के निर्माण कार्य को वन विभाग ने रोक दिया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने महिलाओं से कहा कि यह भूमि रिजर्व फॉरेस्ट (आरक्षित वन) की है। वन विभाग की कार्रवाई से ग्रामीणों में रोष है। महिलाओं ने कहा कि चाल खाल से पानी का संरक्षण होगा और पशुओं-पक्षियों के लिए पीने का पानी उपलब्ध होगा।
खनसर पट्टी के झूमाखेत में पर्यावरण प्रेमी शंकर सिंह बिष्ट के सहयोग से करीब 31 महिलाओं की ओर से छोटी-छोटी चाल खाल का निर्माण किया जा रहा है। महिलाओं की ओर से बनाई गई चाल खाल में बरसाती जल का संरक्षण किया जा रहा है। यह पानी भूमि में समा कर उसकी नमी बनाए रखता है। मगर शुक्रवार को वन विभाग ने चाल-खाल निर्माण का काम रोक दिया। पर्यावरण प्रेमी शंकर सिंह बिष्ट ने कहा कि वन विभाग की टीम ने काम रुकवा दिया है। ममंद अध्यक्ष राधा बिष्ट, चंद्रा देवी, शोभा देवी, कमला देवी, हंसी देवी, शशि देवी आदि ने कहा एक ओर विकास के नाम पर लाखों पेड़ काट दिए जाते हैं अब महिलाएं पानी और भूमि संरक्षण के लिए काम कर रही हैं तो काम रोक दिया जा रहा है। लोहबारेंज गैरसैंण के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ ने कहा कि जिस भूमि पर चाल खाल बनाई जा रही है वह रिजर्व फॉरेस्ट है। वहां काम करने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। तभी काम किया जा सकता है।
