उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
समुद्रतल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्री अमरेश्वर धाम की वार्षिक तीर्थयात्रा-2026 को सुरक्षित एवं विश्वासपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए की जा रही तैयारियों को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह स्वयं आठ जून को एक उच्चस्तरीय बैठक में जायजा लेंगे। श्री अमरेश्वर धाम जिसे श्री अमरनाथ जी की गुफा के नाम से भी पुकारा जाता है, की इस वर्ष तीर्थयात्र तीन जुलाई को शुरु हो रही है। यह तीर्थयात्रा 1989 के बाद से लगातार आतंकियों के निशाने पर रही है।इस बीच, श्री अमरेश्वर धाम की तीर्थयात्रा के सुरक्षा क्वच में शामिल केंद्रीय अर्धसैन्यबलों के जवानों का श्रीनगर में आगमन शुरु हो गया है। आज श्रीनगर में सीआरपीएफ, एससबी और और बीएसएफ छह कंपनियां पहुंची हैं। इस वर्ष केंद्र सरकार ने श्री अमरनाथ जी की तीर्थयात्रा के लिए जम्मू कश्मीर में केंद्रीय अर्धसैन्यबलों की 670 अतिरिक्त कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। इन्हें लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक विभिन्न मार्गाें, श्रद्धालुओं के शिविरों व अन्य चिहि्नित स्थानों पर तैनात किया जा रहा है।केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में यात्रा प्रबंधों की समीक्षा बैठक की जानकारी देते हुए संबधित प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात सहित गृह मंत्रालय, खुफिया एजेंसियों, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।प्रत्येक प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी,सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री यात्रा के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित संचालन के लिए सभी सुरक्षा और नागरिक एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लेंगे। बैठक में पहलगाम और बालटाल मार्गों पर सुरक्षा तैनाती, आतंकवाद-रोधी उपायों, यात्रा काफिलों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं, संचार नेटवर्क तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।हर वर्ष आयोजित होने वाली श्री अमरनाथ जी यात्रा में देशभर से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे में अधिकारियों द्वारा गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और यात्रा को सुरक्षित एवं निर्विघ्न बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी जाएगी। बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था, यात्रा मार्गों पर निगरानी प्रणाली तथा संभावित खतरों से निपटने के लिए आकस्मिक योजनाओं पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना है।
