उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
मानसून के इस दौर ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की परीक्षा ले ली है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मार्गों को सुरक्षित बनाकर जल्द से जल्द यातायात बहाल करना है।उत्तराखंड में मानसून अब केवल बारिश नहीं, बल्कि यात्रा और जनजीवन की सबसे बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है। शनिवार को लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने मसूरी-कैंपटी मार्ग को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। जीवन आश्रम से मसूरी बैंड तक कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एनएच-707ए के वैकल्पिक मार्ग पर भी पहाड़ियों से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के कारण यातायात प्रभावित रहा। हालात ऐसे बने कि पूरी रात जेसीबी मशीनें सड़क खोलने के लिए संघर्ष करती रहीं।सबसे अधिक असर चारधाम यात्रा पर पड़ा। टिहरी गढ़वाल पुलिस ने मार्ग को असुरक्षित घोषित करते हुए यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से फिलहाल इस मार्ग का उपयोग नहीं करने की अपील की है। प्रशासन ने अगले आदेश तक विकासनगर होकर यात्रा करने की सलाह जारी की है।
रविवार सुबह अभियान तेज हुआ
देर रात हुई करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद गस्ती बैंड के पास वैकल्पिक मार्ग पर भी कई स्थानों से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीमों ने जेसीबी मशीनों के जरिए मार्ग खोलने का प्रयास किया, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण रात में राहत कार्य भी चुनौतीपूर्ण बना रहा। रविवार सुबह मौसम साफ होने पर मलबा हटाने का अभियान तेज किया गया।
