उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
-देहरादून एक्सप्रेसवे से जाने वाले यात्रियों के लिए खास जानकारी दी गई है. बरसात के कारण एक्सप्रेसवे पर गिरी चट्टानों को हटाने का कार्य किया जा रहा है, जिसके कारण कुछ मार्ड डायवर्जन रहेगा.देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर यात्रियों व एलिवेटेड रोड के लिए खतरा बनी चट्टानों को हटाने का काम करने के लिए NHAI ने देहरादून से आने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन किया है. इसको देखते हुए एलिवेटेड मार्ग को बंद किया गया है, जिसके कारण अब वाहनों के लिए मोहंड के पुराने मार्ग व बीच से एलिवेटेड को खोला गया है.आपको बता दें कि 210 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जिसका 12 किलोमीटर का हिस्सा बिंदल नदी और शिवालिक जंगल से होते हुए देहरादून पहुंच रहा है. इस 12 किलोमीटर सड़क के विभिन्न स्थानों पर बड़ी-बड़ी चट्टानें बरसात के मौसम में टूटकर एक्सप्रेसवे पर गिर जाती हैं, जिससे आने-जाने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है. उसी को देखते हुए चट्टानों को ठीक करने का कार्य शुरू किया जा चुका है.किन रास्तों से यात्री करें सफर,इसमें आधा दर्जन से अधिक चट्टान शामिल हैं, जबकि कुछ चट्टानों को ठीक किया जा चुका है और बड़ी चट्टानों से मलबा नीचे गिराकर अब उठाने की तैयारी है. उसी को देखते हुए रूट डायवर्ट किया गया है. देहरादून से आने वाले लोग पुराने मार्ग का इस्तेमाल करते हुए एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगे, जबकि एलिवेटेड से होते हुए देहरादून जाने वाले लोग सावधानीपूर्वक इस क्षेत्र से निकले.चट्टानों के पास से सावधान होकर निकले वाहन चालक,दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जिसको दिल्ली से देहरादून की दूरी को कम करने के लिए बनाया गया है, यह दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून पहुंच रहा है. इसकी लंबाई लगभग 210 किलोमीटर है, जबकि इस पर आने वाली लागत 12000 करोड़ से भी अधिक है. हाल ही में 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी एलिवेटेड मार्ग से होते हुए इसका उद्घाटन किया था. इस एक्सप्रेसवे पर 12 किलोमीटर लंबा और एशिया का सबसे खूबसूरत वन्य जीव गलियारा है, जो जंगली जानवरों की सुरक्षा को देखते हुए बनाया गया है.इस एलिवेटेड मार्ग से वाहन सीधा देहरादून पहुंच जाते हैं और नीचे से जंगली जानवर बिना किसी खतरे के आवाजाही कर सकते हैं. इस एलिवेटेड को बरसात के मौसम में खतरा न हो, इसलिए पहले ही खतरे की निशानी दिख रही उन चट्टानों को हटाने का काम शुरू किया गया और अब बरसात का मौसम शुरू होने के बाद भी यह काम चल रहा है. हालांकि काम में थोड़ी देरी हो सकती है, उसी को देखते हुए रूट डायवर्ट किया गया है. साथ ही इस एलिवेटेड से जाने वाले लोग भी सावधानीपूर्वक निकले।
