उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
सीमा दर्शन को पहुंचा 15 सदस्यीय दल, भारत माता के जयकारों से गूंजा बॉर्डर क्षेत्र;पारंपरिक झुमैलो-चांचरी से दिखी लोक संस्कृति की झलक,
चमोली। सरहद पर देश की रक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर जब नीति घाटी की महिलाओं ने रक्षा सूत्र बांधा तो सीमांत क्षेत्र का माहौल भावुक हो उठा। महिलाओं ने जवानों की दीर्घायु और सुरक्षित सेवा की कामना की। भारत माता के जयकारों के बीच जवानों का उत्साह बढ़ाया गया।
केंद्र सरकार की पहल के तहत सीमांत क्षेत्रों में सीमा दर्शन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के बीच नीति घाटी के ऋतु प्रवासी गांवों से 15 सदस्यीय आध्यात्मिक तीर्थाटन दल नीति पास पहुंचा। डॉ. मान सिंह राणा के सहयोग से राजेंद्र सिंह राणा, बाल सिंह राणा, निर्मला देवी, शुक्रि देवी, राजेश्वरी देवी समेत दल के सदस्यों ने नीति पास क्षेत्र में केलांग मंडी और गोटिंग तक सीमा दर्शन किया।बॉर्डर पोस्ट पर पहुंचने पर दल ने जवानों और अधिकारियों का अभिवादन किया। सेना के जवानों ने भी सीमांत क्षेत्र से पहुंचे लोगों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उर्मिला देवी, निर्मला, ममता, बिच्छा, राजेश्वरी, सुशीला, मंग्गी, बिद्दी और झांप्पी देवी समेत महिलाओं ने जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे।
झुमैलो और चांचरी से बिखरी संस्कृति की खुशबू
सीमा दर्शन के दौरान नीति घाटी की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में झुमैलो और चांचरी लोकगीत प्रस्तुत किए। महिलाओं ने सामूहिक पारंपरिक नृत्य कर सीमांत क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक पेश की। महिलाओं ने कहा कि उनकी संस्कृति और परंपराएं पीढ़ियों से संरक्षित हैं। ऐसे आयोजनों से इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
सीमांत पर्यटन से रोजगार की उम्मीद
सीमा दर्शन कार्यक्रम के तहत नीति पास, माणा पास और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों में भी उत्साह है। लफतल, बड़ाहोती, सुमना, पार्वती कुंड, गणेश गंगा, माणा पास, गोटिंग, देवताल और घसतोली जैसे क्षेत्र पर्यटकों और स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक, साहसिक और वाइब्रेंट विलेज टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से सीमांत गांवों में रोजगार के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
