
उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
चमोली (थराली), राज्य बने दो दशक से अधिक समय हो गये है लेकिन पहाड़वासियों की समस्या आज भी जिसकी तस है, मामला जनपद केविकास खंड देवाल की है जहां पिनाऊ गांव की एक प्रसूता को डोली के सहारे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में इन दिनों एक भी चिकित्सक ना होने के कारण उसे परिजनों को मजबूरन हायर सेंटर ले जाना पड़ा, प्रसूता को हेली से लेजाने का भी प्रयास किया गया किंतु खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर भी आधे रास्ते से ही लौट गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू के गांव जो कि सड़क सुविधा से आज भी महरूम पड़ा हुआ हैं और सड़कों तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को 6 किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय कर पहुंचना पड़ता हैं, इसी गांव की एक 33 वर्षीय प्रसूता खिमली देवी पत्नी धन सिंह को बुधवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन के जिम्मेदार लोगों संपर्क साध कर प्रसूता को ले जाने के लिए हैलीकॉप्टर भेजने की मांग की थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा की पहल पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था तो हो गई, परंतु क्षेत्र में मौसम खराब होने एवं विजिबिलिटी काफी कम होने के कारण हेलीकॉप्टर आधे रास्ते से वापस लौट गया।इसकी सूचना मिलने पर परिजन एवं ग्रामीण निराश हो गए, इसके बाद ग्रामीणों ने प्रसूता की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डोली के सहारे करीब 6 किमी पैदल चलकर बलाण गांव पहुंचे जहां से महिला को वाहन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल लाया गया तो पता चला कि पीएचसी देवाल में चिकित्सक मौजूद नही थे।बताया जा रहा है कि पीएचसी देवाल में तैनात चिकित्सक इन दिनों परीक्षा के लिए बहार गये हुए हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद एक एएनएम चिकित्सालय पहुंची, जहां उसने प्रसूता को हयार सेंटर रेफर किया गया, प्रसूता को रेफर किए जाने के करीब दो घंटे बाद एंबुलेंस देवाल पहुंची तब प्रसूता को उसमें बिठा कर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल बागेश्वर ले जाया गया।वहीं स्थानीय विधायक भूपाल राम टम्टा का कहना था कि प्रसूता को चिकित्सालय पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जा चुकी थी। और उसने घेस घाटी के लिए उड़ान भी भर ली थी किंतु क्षेत्र में मौसम अत्यंत खराब होने और विजीविलीट काफी कम होने के कारण मजबूरन हेली को आधे रास्ते से ही लौट जाना पड़ा।

