उत्तराखंड डेली न्यूज़ :ब्योरो
नरेंद्रनगर में आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षा, विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला सम्मान
नरेंद्रनगर। विज्ञान, शिक्षा, नवाचार एवं युवा विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे भनियावाला निवासी युवा इनोवेटर एवं सामाजिक कार्यकर्ता जतिन सिंह चौहान को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण एवं नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।पीपुल्स एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक एजुकेशन इंडिया एवं राज्य सरकार के संयुक्त आयोजन में नरेंद्रनगर में आयोजित सम्मान समारोह में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया था। समारोह में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मुख्य शिक्षा अधिकारी, टिहरी गढ़वाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।जतिन सिंह चौहान को यह सम्मान विशेष रूप से विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके कार्यों, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान तथा विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक एवं नवाचारी शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
स्कूली बच्चों को इनोवेशन से जोड़ने की पहल
जतिन सिंह चौहान ने स्कूली विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने तथा उन्हें प्रयोग, रचनात्मक सोच और नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से नेशनल स्कूल इनोवेशन क्लब (NSIC) की स्थापना की। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही विज्ञान एवं नवाचार की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और यह पहल उत्तराखंड के कई विद्यालयों तक पहुंच चुकी है।इसके अलावा उन्होंने प्रताप TNI इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेशन एंड लाइफ साइंसेज की स्थापना की, जहां शिक्षा, विज्ञान, नवाचार एवं खेल को एक साथ जोड़कर विद्यार्थियों और युवाओं के लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
खेल के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास
युवाओं को नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों से दूर रखने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से जतिन सिंह चौहान द्वारा स्थानीय स्तर पर विभिन्न खेल एवं युवा-केंद्रित पहल भी संचालित की गई हैं। इन प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
कम उम्र में हासिल की अंतरराष्ट्रीय पहचान
जतिन सिंह चौहान इससे पूर्व भी विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में कम उम्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने मात्र 15 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। पर्यावरण संरक्षण एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी संस्था/सरकारी पहल द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त IIT दिल्ली सहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा भी उनके विज्ञान एवं नवाचार से जुड़े कार्यों को सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें कही बार सम्मानित किया जा चुका है!
शिक्षा, विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा भी उन्हें पूर्व में विभिन्न अवसरों पर सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए जा चुके हैं।
“उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जतिन” — ए. एन. दुबे
सम्मान समारोह के दौरान पीपुल्स एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक एजुकेशन इंडिया के संस्थापक एवं अध्यक्ष ए. एन. दुबे ने जतिन सिंह चौहान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को विज्ञान, शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज और राज्य के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम उम्र में जतिन द्वारा किए गए कार्य प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं।
“उत्तराखंड को जतिन जैसे युवाओं की आवश्यकता” — सुबोध उनियाल
वहीं, उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी जतिन सिंह चौहान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ राज्य को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का कार्य करें। उन्होंने जतिन की कम उम्र में हासिल उपलब्धियों और शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताया।जतिन सिंह चौहान ने सम्मान के लिए आयोजकों एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए विज्ञान, शिक्षा, नवाचार एवं खेल के क्षेत्र में और अधिक कार्य करने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि उत्तराखंड के अधिक से अधिक विद्यार्थी अपनी रचनात्मक क्षमता को पहचानें और नवाचार के माध्यम से अपने भविष्य के साथ-साथ प्रदेश के भविष्य को भी बेहतर बनाने में योगदान दें।
