
उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
पौड़ी। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन रविवार को कोट विकासखंड स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां भुवनेश्वरी मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। सुबह चार बजे मंदिर के मुख्य पुजारी विकास जुयाल ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मंगलध्वनि के बीच गर्भगृह में प्रवेश किया। इसके बाद मुख्य आचार्य डॉ. अनूप कुकरेती एवं अन्य आचार्यों के सान्निध्य में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और पाठ शुरू किए गए।
स्थानीय समिति के अध्यक्ष नवीन जुयाल और सचिव संजय जुयाल के संयोजन में नवरात्रि के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पहले दिन आयोजित प्रवचन में विद्यालय के आचार्य आशीष डबराल ने देवी महात्म्य और दुर्गासप्तशती के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को धार्मिक ग्रंथों की विशेषताओं और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी।कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. नवीन ममगाईं ने बताया कि नवरात्रि के दौरान प्रवचन, प्रवचन प्रतियोगिता, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही भजन प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें विभिन्न कीर्तन मंडलियां और प्रतिभागी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ ही श्रद्धालुओं की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक सहभागिता को बढ़ावा देना है।इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिगंबर जुयाल, सचिव सतीश जुयाल, स्थानीय समिति के अध्यक्ष नवीन जुयाल, अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल, गोविंद सिंह, दिनेश जुयाल और शिवप्रसाद सहित विभिन्न समितियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

