
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
जनपद चमोली के सिमली में पूर्ण बेस अस्पताल की मांग को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और सिमली स्थित महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल के रूप में संचालित करने की मांग को लेकर सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। समिति की ओर से 11 अक्टूबर 2026 से सिमली से देहरादून तक पदयात्रा शुरू करने की घोषणा की गई है। इस अभियान को लेकर आसपास के गांवों में जनसंपर्क और ग्रामीणों के साथ बैठकें की जा रही हैं।सिमली बेस अस्पताल को पूर्ण रूप से संचालित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है। गंभीर बीमारी, प्रसव संबंधी जटिलताओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को बड़े अस्पतालों की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में सिमली में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध होने से चमोली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सकती है।इस अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ सहित आवश्यक चिकित्सकीय स्टाफ और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का मुद्दा भी पहले उठाया जा चुका है। जून 2026 में अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सत्याग्रह, रैली और महापंचायत जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे। संघर्ष समिति की ओर से पदयात्रा को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों से संपर्क किया जा रहा है। 3 अक्टूबर को कर्णप्रयाग विकासखंड के सुंदरगांव, कोली सहित आसपास के गांवों में बैठकें कर लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया था। समिति की योजना सिमली से देहरादून तक पदयात्रा के माध्यम से सरकार और शासन-प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाने की है।सिमली अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल का दर्जा देने की घोषणा और उसके प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा पहले भी सार्वजनिक चर्चाओं में रहा है। अब 11 अक्टूबर से प्रस्तावित पदयात्रा के जरिए आंदोलनकारी इस मांग पर ठोस कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन स्तर पर इस दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं और आंदोलन को लेकर प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

