
उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
भारत मंडपम में गूंजा बाबा साहेब की विचारधारा और संविधान का संदेश, 800 अधिवक्ताओं की ऐतिहासिक भागीदारी के बीच मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति सूर्यकांत जी ने किया संबोधित।
नई दिल्ली,
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में SC, ST, OBC एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा “The Life Struggle & Constitutional Legacy of Bharat Ratna Dr. B. R. Ambedkar” विषय पर एक ऐतिहासिक एवं भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से लगभग 800 अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकांत जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई प्रदान की। साथ ही केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श रामदास आठवले जी, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पी.बी. वराले जी, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े जी, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट रणवीर यादव जी, ITBP के DIG नरेंद्र यादव जी, सेवानिवृत्त सत्र न्यायाधीश टी.आर. नवल जी, कॉलेज ऑफ लॉ के डायरेक्टर सत्यार्थी जी, वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ सैनी जी एवं सत्य प्रकाश जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
जैसे ही मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति सूर्यकांत जी का भारत मंडपम के सभागार में आगमन हुआ, एसोसिएशन के ऑनरेरी सेक्रेटरी एडवोकेट राजकुमार गोठवाल ने कार्यक्रम का प्रारंभिक संचालन करते हुए अपने ऊर्जावान एवं प्रभावशाली वक्तव्य से पूरे सभागार में उत्साह का वातावरण निर्मित किया। उपस्थित अधिवक्ताओं ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्य न्यायाधीश एवं सम्मानित अतिथियों का भव्य स्वागत किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति सूर्यकांत जी एवं न्यायमूर्ति पी.बी. वराले जी द्वारा दीप प्रज्वलन तथा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया गया। इसके पश्चात एसोसिएशन के ऑनरेरी सेक्रेटरी एडवोकेट राजकुमार गोठवाल द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न एवं एडवोकेट पूजा कुमारी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में माननीय मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति सूर्यकांत जी ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन, उनकी अद्भुत विद्वता, शिक्षा के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि किस प्रकार सामाजिक भेदभाव और छुआछूत जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए बाबा साहेब ने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बनाया और अपनी असाधारण प्रतिभा एवं ज्ञान के बल पर संविधान निर्माण से लेकर देश के प्रथम कानून मंत्री बनने तक का ऐतिहासिक सफर तय किया।मुख्य न्यायाधीश ने बाबा साहेब द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का विशेष उल्लेख करते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 को संविधान की आत्मा के रूप में रेखांकित किया। उनका संबोधन उपस्थित अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणादायक रहा और सभागार में संवैधानिक मूल्यों के प्रति नई ऊर्जा का संचार हुआ।एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनोज गोरकेला जी ने अपने संबोधन में संगठन को देशभर में मजबूत एवं व्यापक स्वरूप देने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद एवं पीड़ित व्यक्तियों को न्याय दिलाने के लिए सक्षम अधिवक्ताओं की सहायता उपलब्ध कराना भी है।उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधीश से विशेष आग्रह किया कि SC, ST एवं OBC वर्ग के प्रतिभाशाली अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, स्टैंडिंग काउंसिल तथा विभिन्न सरकारी पैनलों में उचित अवसर एवं सहयोग प्राप्त हो, जिससे वे न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें तथा सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त होकर राष्ट्र निर्माण में अग्रणी योगदान दे सकें।एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट तेज सिंह वरुण जी ने अपने स्वागत अभिभाषण में मंचासीन सभी सम्मानित अतिथियों एवं देशभर से आए अधिवक्ताओं का स्वागत किया और आयोजन के उद्देश्य तथा महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।प्रथम सत्र के समापन पर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भूतपूर्व DG गुजरात पुलिस, एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट श्री अनिल प्रथम जी ने सभी अतिथियों, आयोजकों एवं उपस्थित अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद भाषण प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के अंतर्गत द्वितीय एवं तृतीय सत्र का आयोजन भी किया गया, जिनमें मानवाधिकार, सामाजिक न्याय, अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) तथा वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इन सत्रों के माध्यम से अधिवक्ताओं ने सामाजिक समानता, न्यायिक संरक्षण और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए।इस ऐतिहासिक सम्मेलन को सफल बनाने में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज गोरकेला जी, संस्थापक सदस्य एडवोकेट रणवीर सिंह यादव जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट तेज सिंह वरुण जी, ऑनरेरी सेक्रेटरी एडवोकेट राजकुमार गोठवाल जी, कोषाध्यक्ष एडवोकेट अनिल प्रथम जी, अतिरिक्त सचिव एडवोकेट मदनलाल जी, एडवोकेट नागेश गजघाटे जी, एडवोकेट पूजा कुमारी जी, एडवोकेट सुमित पंचखेड़े जी, एडवोकेट मनीष जी, एडवोकेट सौरभ जी, एडवोकेट अर्शी जी एवं कुशल गोठवाल जी सहित पूरी आयोजन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मनोज गोरकेला जी ने इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे सभी सम्मानित अधिवक्ताओं, न्यायविदों, अतिथियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में लगभग 800 अधिवक्ताओं की उपस्थिति केवल एक कार्यक्रम की सफलता नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के विचारों, संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय और समानता के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के अधिवक्ताओं को संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, वंचित एवं शोषित वर्गों को न्याय दिलाने तथा समाज में समान अवसर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।यह ऐतिहासिक सम्मेलन बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, संविधान की गरिमा को मजबूत करने और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।


