
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
बेटियां भी बेटों से किसी मामले में कम नहीं हैं। यदि उन्हें सही दिशा, समान अवसर और बेहतर शिक्षा मिले तो वे अपनी प्रतिभा व लगन के दम पर कामयाबी के नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं। इस बात को सच साबित कर दिखाया है बांका जिले के चांदन बाजार निवासी सियाराम बरनवाल की दो होनहार बेटियों ने। दोनों बहनों ने एक साथ बैंक मैनेजर बनकर न सिर्फ अपने माता-पिता और पूरे परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि समाज में बेटियों की उच्च शिक्षा के महत्व को भी मजबूती से रेखांकित किया है।
एक जमुई तो दूसरी सुपौल में बनीं सह शाखा प्रबंधक
चांदन बाजार निवासी व्यवसायी सियाराम बरनवाल की चार पुत्रियां हैं। इनमें से तीसरे नंबर की पुत्री रचना रानी और सबसे छोटी पुत्री रश्मि प्रिया ने बैंकिंग क्षेत्र में अपनी मेधा का परचम लहराया है। रचना रानी वर्तमान में बिहार ग्रामीण बैंक की चंद्रमंडीह शाखा (जमुई) में सह शाखा प्रबंधक (असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।वहीं, उनकी छोटी बहन रश्मि प्रिया बिहार ग्रामीण बैंक की ही पिपरा शाखा (त्रिवेणीगंज, सुपौल) में सह शाखा प्रबंधक के रूप में पदस्थापित हैं। दोनों बहनों की इस दोहरी सफलता से पूरे चांदन प्रखंड और बांका जिले में हर्ष का माहौल है।बेटा-बेटी में न करें भेद”, पिता ने दिया प्रेरक संदेश
बेटियों की इस शानदार उपलब्धि पर पिता सियाराम बरनवाल भावुक और गौरवान्वित नजर आए। उन्होंने समाज को सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि आज के दौर में बेटा और बेटी के बीच कोई अंतर नहीं समझा जाना चाहिए। दोनों को समान रूप से पढ़ने-लिखने और अपने सपनों को साकार करने की पूरी स्वतंत्रता व संसाधन मिलने चाहिए।उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती हैं, तो केवल एक परिवार का ही मान-सम्मान नहीं बढ़ता, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की पढ़ाई पर भी बेटों के बराबर ध्यान दें और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए लगातार प्रेरित करें।
क्षेत्र की छात्राओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
दोनों बहनों की इस ऐतिहासिक सफलता ने ग्रामीण व अर्ध-शहरी परिवेश की उन तमाम बेटियों के हौसले को नई उड़ान दी है, जो सीमित संसाधनों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पड़ोसियों ने बरनवाल परिवार को बधाई देते हुए कहा कि रचना और रश्मि की यह कामयाबी पूरे सीमांचल व अंग क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

