
उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
थराली / चमोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मरीजों के उपचार के लिए लगाए गए बेड पर रात के समय एक कुत्ता आराम फरमाता नजर आ रहा है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि कुत्ता अस्पताल के ही किसी कर्मचारी का है। अस्पताल में जहां मरीजों को बेहतर उपचार और साफ-सफाई की जरूरत है, वहां बेड पर कुत्ते के मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और मरीजों को रेफर किए जाने को लेकर चर्चाओं में रहा है। स्थानीय लोग इसे रेफर सेंटर तक कहते हैं। लेकिन अब अस्पताल से सामने आए इस वीडियो ने व्यवस्थाओं पर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। वीडियो में रात के समय अस्पताल के बेड पर एक कुत्ता आराम करता दिखाई दे रहा है।अस्पताल में रोजाना दुर्घटनाओं में घायल मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। यहां गर्भवती महिलाओं का प्रसव, नवजात शिशुओं की देखभाल और बच्चों का टीकाकरण भी होता है। ऐसे संवेदनशील स्थान पर कुत्ते का मरीजों के बेड तक पहुंचना अस्पताल की साफ-सफाई, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।हैरानी की बात यह है कि इससे पहले भी अस्पताल में कुत्ते को लेकर मामला चर्चाओं में आया था और जांच के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अब दोबारा वीडियो सामने आने से सवाल उठ रहा है कि पिछली जांच का आखिर क्या नतीजा निकला?आखिर अस्पताल के भीतर कुत्ता कैसे पहुंचा? क्या अस्पताल परिसर में मरीजों की सुरक्षा और स्वच्छता की निगरानी नहीं हो रही है? और यदि कुत्ता किसी कर्मचारी का है तो अस्पताल के भीतर उसे रखने की अनुमति किसने दी?सीएमओ राजीव सिंह पाल ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में सामने आए इस मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। कुत्ता किसका है, इसकी संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। अस्पताल के भीतर कुत्ता कैसे पहुंचा, इस संबंध में भी अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ से जानकारी ली जा रही है।फिलहाल वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच केवल पूछताछ तक सीमित रहती है या जिम्मेदारी तय करते हुए कोई ठोस कार्रवाई भी होती है। क्योंकि अस्पताल मरीजों के उपचार के लिए हैं, न कि पशुओं के रात्रि विश्राम के लिए।

