
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, सड़क संघर्ष समिति ने कहा- मांग पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेंगे क्षेत्रवासी
थराली / देवाल ग्वालदम–नंदकेसरी–देवाल–वाण–तपोवन मोटर मार्ग को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सुपुर्द करने की मांग को लेकर सड़क संघर्ष समिति ने सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाया है। समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मोटर मार्ग के हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि नवंबर 2026 तक मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन शुरू करेगी।22 अक्तूबर को भेजे गए ज्ञापन में समिति ने कहा कि यह मोटर मार्ग चमोली जिले के सीमांत क्षेत्रों के लिए सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ ही स्थानीय लोगों की आवाजाही, आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन के लिहाज से भी अहम है। मार्ग के निर्माण और सुदृढ़ीकरण से सीमांत क्षेत्रों तक सेना की आवाजाही सुगम होगी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।समिति के मुताबिक, सितंबर 2024 में रक्षा सचिव, भारत सरकार ने मोटर मार्ग के सामरिक महत्व को देखते हुए इसे बीआरओ को हस्तांतरित करने के लिए उत्तराखंड सरकार से आग्रह किया था। मार्ग के निर्माण के लिए 936 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी ज्ञापन में दी गई है। इसके बावजूद हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर क्षेत्रीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
बदरीनाथ यात्रा और पर्यटन को मिलेगा लाभ
समिति का कहना है कि मोटर मार्ग का निर्माण और सुदृढ़ीकरण होने से देवाल, नंदानगर, थराली और नारायणबगड़ समेत आसपास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। इससे आवागमन सुगम होने के साथ यात्रा में लगने वाला समय भी कम होगा। मार्ग बेहतर होने से बदरीनाथ धाम की यात्रा और हिमालयी पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।ज्ञापन में कहा गया है कि सात दिसंबर 2025 को शहीद सैनिक मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने मां नंदा देवी यात्रा-2026 के बाद इस मोटर मार्ग को बीआरओ को हस्तांतरित करने की घोषणा की थी। समिति का कहना है कि घोषणा के बाद भी इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
नवंबर से आंदोलन की तैयारी
सड़क संघर्ष समिति ने मांग की है कि मोटर मार्ग को बीआरओ के सुपुर्द करने से संबंधित शेष औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं, ताकि निर्माण और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि नवंबर तक शासन स्तर पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पदयात्रा, धरना-प्रदर्शन और व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।ज्ञापन पर सड़क संघर्ष समिति और क्षेत्रीय लोगों ने हस्ताक्षर कर मांग का समर्थन किया। इस अवसर पर किशोर घुनीयाल, गौरव सिंह खत्री, लखपत परिहार, मनोज पाल, यशवंत सिंह, दीपक गड़िया और गंगा सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

