उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
राष्ट्रीय खेल दिवस पर नारायणबगड़ इंटर कॉलेज में बैगलेस डे, ध्यानचंद की जीवनी से विद्यार्थियों ने सीखी सफलता की सीख
राष्ट्रीय खेल दिवस पर राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज नारायणबगड़ में आयोजित बैगलेस डे विद्यार्थियों के लिए सीख और जागरूकता का अनूठा अवसर बना। विद्यालय में जहां हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जीवन और उपलब्धियों से विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रेरित किया गया, वहीं तंबाकू एवं नशे के दुष्प्रभाव और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। विद्यार्थियों ने चार्ट और मॉडल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।बाल सखा कार्यक्रम के प्रभारी एवं हिंदी प्रवक्ता हरिशानंद जोशी ने विद्यार्थियों को दैनिक गतिविधियों की जानकारी देने के साथ नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं को नशे से दूर रखकर ही उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।भूगोल प्रवक्ता बलबीर लाल ने विद्यार्थियों को पढ़ाई में आने वाली बाधाओं और उनसे निपटने के उपाय बताए। उन्होंने नशे को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इससे पूरी तरह दूर रहने की अपील की।
ध्यानचंद के जीवन से मिली मेहनत और संकल्प की सीख
शिक्षक एनएस रावत ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सेना में रहते हुए उन्होंने भारत को तीन बार ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद का जीवन युवाओं को अनुशासन, दृढ़ निश्चय, संकल्प और निरंतर अभ्यास का संदेश देता है।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि लक्ष्य चाहे कितना भी कठिन हो, मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार अभ्यास के बल पर उसे हासिल किया जा सकता है। सफलता के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन भी जरूरी है।
बदलता हिमालय दे रहा बड़े खतरे का संकेत
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. गंगा सिंह नेगी ने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में बदलते पर्यावरणीय हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियरों के पिघलने की गति बढ़ रही है, जिससे बाढ़ सहित प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ अनियंत्रित छेड़छाड़ और बढ़ता उपभोग आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आज से ही अपनी जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करने होंगे।
चार्ट-मॉडल में उतरे विद्यार्थियों के विचार
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने जलवायु परिवर्तन, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और खेलों से संबंधित चार्ट एवं मॉडल तैयार कर अपने विचार प्रस्तुत किए। बैगलेस डे के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम में शिक्षिका इंदु डिमरी, विजया रावत, शिक्षक चौसारी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
