उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
पहाड़ों में गुलदारों का जंगल छोड़कर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करना लगातार चिंता का विषय बनता जा रहा है। आए दिन गुलदारों के घरों और गोशालाओं के आसपास दिखाई देने की घटनाएं सामने आ रही हैं।शनिवार शाम हवालबाग विकासखंड के ज्योली गांव में एक गुलदार गोशाला में घुस गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने करीब एक घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद ट्रैंक्विलाइज़र गन की मदद से गुलदार को बेहोश कर सुरक्षित बाहर निकाला।ग्राम प्रधान प्रताप राम ने बताया कि शनिवार शाम ग्रामीणों को गोशाला से गुर्राने की आवाज सुनाई दी। जिसकी सूचना पशु प्रेमी एवं पार्षद अमित साह ‘मोनू’, पार्षद अभिषेक जोशी और नामित पार्षद कृष्ण बहादुर सिंह को दी गई। मौके पर पहुंचे लोगों के गोशाला की खिड़की से दिखने पर गुलदार दिखा। उसके इसकी सूचना वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार का रेस्क्यू किया गया।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में गुलदारों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। इससे लोगों के साथ-साथ पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखने की मांग की है।
23 दिन में दूसरी घटना
हवालबाग क्षेत्र में महज 23 दिनों के भीतर आबादी वाले क्षेत्र में गुलदार घुसने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 19 जुलाई को पिठोनी गांव में एक गुलदार एक पुराने मकान में घुस गया था। उस समय ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर भाग निकला था। वहीं, शनिवार को ज्योली गांव में गोशाला में घुसे गुलदार को वन विभाग ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित पकड़ लिया।
