उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल की गई है। देहरादून में ‘थाती by Hansuli’ के पहले आउटलेट का शुभारंभ हुआ। यह आउटलेट न केवल पहाड़ी आभूषणों को नई पहचान देगा, बल्कि स्वयं सहायता समूहों और छोटे स्थानीय ब्रांडों को भी बाजार उपलब्ध कराएगा।दो साल पहले शुरू हुई Hansuli ने उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी चांदी की ज्वेलरी को आधुनिक अंदाज में लोगों तक पहुंचाया। लोगों के भरपूर प्यार और समर्थन के बाद अब देहरादून में ‘थाती by Hansuli’ का पहला आउटलेट शुरू किया गया है।सबसे पहले हमने पहाड़ी चांदी की ज्वेलरी से शुरुआत की। दो साल में लोगों का बहुत प्यार मिला, जिसके बाद हमने पहला आउटलेट खोला है।”गायत्री ने बताया कि यह सिर्फ एक दुकान नहीं बल्कि उत्तराखंड की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और छोटे उद्यमियों के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म है। यहां उनके उत्पादों को ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी प्रमोट किया जाएगा, ताकि स्थानीय ब्रांड राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।हम सिर्फ अपने प्रोडक्ट नहीं, बल्कि महिलाओं और छोटे ब्रांडों के उत्पादों को भी ऑफलाइन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म देंगे, ताकि उन्हें बड़ी पहचान मिल सके।”उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और सहयोग से उन्हें देशभर में स्टॉल लगाने का अवसर मिला। इससे ग्राहकों की पसंद समझने, पैकेजिंग, रजिस्ट्रेशन और मार्केटिंग में काफी मदद मिली। साथ ही बिना ब्याज के ऋण जैसी सुविधाओं ने कारोबार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।सरकार के सहयोग से हमें विभिन्न राज्यों में स्टॉल लगाने का मौका मिला। इससे बाजार को समझने में मदद मिली। बिना ब्याज के लोन और आसान प्रक्रिया से भी हमें काफी सहयोग मिला।”गायत्री का कहना है कि उत्तराखंड की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। ज्वेलरी निर्माण से लेकर डिजाइन, मार्केटिंग और ब्रांडिंग तक महिलाएं हर जिम्मेदारी निभा रही हैं। ‘थाती by Hansuli’ का उद्देश्य उत्तराखंड की संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को देशभर में नई पहचान दिलाना है।स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक आभूषण और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल उत्तराखंड की महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल, लोकगायक रविन्द्र मंद्रवाल, सौरभ मैथानी और प्रीतम भरतवाण, के.सी. चमोली, चित्रांशी रावत, पूजा तोमर, सुनीता रजवाड़, गायत्री बालोदी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
