उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
केदारनाथ में साधु-संतों के वेश में बहुरूपियों की पहचान कराने के लिए जल्द ऑपरेशन कालनेमि शुरू होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि इससे सही साधुओं की पहचान होगी।केदारनाथ धाम की मर्यादा को बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को पुलिस को क्षेत्र में ऑपरेशन कालनेमि चलाने के निर्देश दिए। साथ ही मंदिर के ठीक सामने बैठने वाले साधुओं को अन्यत्र बैठने को कहा है।जिलाधिकारी ने मीडिया को बताया कि बीते पांच दिन में धाम में व्यवस्थाओं का जायजा लेकर कमियों को दूर किया गया है। धाम आने वाले साधु-संतों की सुविधा और उनके सम्मान के लिए भी कदम उठाए हैं। इसी क्रम में पुलिस को लिखित निर्देश दिए गए हैं कि साधु, संतों का रूप धर कर धाम पहुंचने वाले संदिग्धों की धरपकड़ के लिए ऑपरेशन कालनेमि चलाया जाए।
धाम में भिक्षावृत्ति पर रोक लगेगी
उन्होंने कहा कि देखा गया है कि मंदिर के सामने कई साधु भिक्षावृत्ति कर रहे हैं। यह धाम के लिए शोभनीय नहीं है इसलिए उन्हें अन्य स्थान पर बैठने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यहां दर्शन करने आने वाले यात्रियों में गलत संदेश नहीं जाएगा। धाम में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप पंत ने बताया कि साधुओं को भीम शिला के पास तय स्थान पर बैठाया गया है। संदिग्धों की पहचान में पुलिस लगातार जुटी हुई है।
चारधाम यात्रा के दौरान कचरा बन रहा मुसीबत
चारधाम यात्रा शुरू होते ही हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए बड़ी चुनौती सामने आने लगी है। आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ-साथ कूड़े के अंबार बढ़ रहे हैं। ‘हिन्दुस्तान’ की पड़ताल में यह सामने आया कि इस वर्ष शुरुआती दिनों में बीते वर्षों के मुकाबले कूड़े की मात्रा में भारी इजाफा हुआ है। वर्तमान में चारों धामों को मिलाकर प्रतिदिन करीब 350 कुंतल तक कचरा निकल रहा है।
