उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी के तहत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के पास दुहाई और मेरठ दक्षिण स्टेशन (परतापुर) पर टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इसके लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में चर्चा की गई। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड टाउनशिप विकसित करने के लिए जीडीए को लगभग डेढ़ हजार करोड़ बजट देगा। इस संबंध में माह के आखिर में जीडीए और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अधिकारियों की बैठक होगी।शासन से नमो भारत कारिडोर के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी जारी की थी। इसके अनुसार, कॉरिडोर के दोनों तरफ 500-500 मीटर और स्टेशन से 1.5 किलोमीटर परिधि के दायरे में मिश्रित भू उपयोग (मिक्स लैंड) घोषित किया गया। जीडीए और आवास विकास परिषद ने पॉलिसी के तहत अपने क्षेत्र के स्टेशन और कॉरिडोर के दोनों तरफ इसे पहले ही लागू कर दिया है। स्टेशनों के अलावा दुहाई डिपो को भी पॉलिसी में शामिल किया था।एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया दिल्ली में सोमवार को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में कई मामलों पर चर्चा हुई। इसमें नमो भारत कॉरिडोर के पास दुहाई और मेरठ दक्षिण स्टेशन (परतापुर) के पास टाउनशिप विकसित करने पर निर्णय लिया गया। इस तरह टाउनशिप के लिए पहली बार स्थान चिन्हित हुए। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड संबंधित प्राधिकरण को बजट उपलब्ध कराएगा। टाउनशिप कितनी जमीन पर विकसित होगी इसके लिए इस माह के आखिरी में जीडीए और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक होगी। बाद में मेरठ प्राधिकरण के साथ भी बैठक की जाएगी।काम्प्लेक्स, मॉल खोले जाएंगे
दुहाई की भूमि मिश्रित भू उपयोग की होगी, जहां मकान बनाने के साथ इसका व्यवसायिक इस्तेमाल किया जा सकेगा। नई टाउनशिप में काम्प्लेक्स, मॉल, दफ्तर, रेस्त्रां आदि खोले जाएंगे। प्राधिकरण और परिषद क्षेत्र को नए रूप में विकसित करेगा। इस तरह गाजियाबाद और मेरठ के विकास को गति मिलेगी।
रोजगार के अवसर पैदा होंगे
आरआरटीएस कॉरिडोर से टीओडी जोन में नक्शा पास कराने के लिए भू-स्वामी को एनसीआरटीसी से एनओसी लेकर जीडीए या आवास विकास परिषद में जमा करनी होगी। इसके बाद जीडीए और आवास विकास टीओडी क्षेत्र में किसी भी प्रोजेक्ट का नक्शा पास करेगा। नक्शा स्वीकृति शुल्क जो भी जमा होगा उसमें जीडीए, आवास विकास परिषद और एनसीआरटीसी को 50-50 फीसदी मिलेगा।प्राधिकरण की आय बढ़ेग,अधिकारी ने बताया कॉरिडोर के आसपास जिन किसानों की जमीन है उन्हें फायदा होगा। अभी तक जहां डेढ़ से दो फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) मिल रहा था। नई पॉलिसी के तहत पांच एफएआर तक का फायदा मिलेगा। शहर में कई गुना ऊंचाई की इमारत बन सकेंगी। पॉलिसी में निर्मित क्षेत्र में 3.5 एफएआर, विकसित क्षेत्र में चार एफएआर और अविकसित क्षेत्र में पांच एफएआर देने का प्रावधान किया है। टीओडी स्कीम से 50 फीसदी प्राधिकरण और परिषद को आय होगी।
