उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
यूपी में फ्री राशन वितरण की डेट बढ़ गई है। अब कार्डधारक 14 मई तक राशन ले सकते हैं। आठ मई तक राशन वितरण पूरा न हो पाने को देखते हुए शासन ने वितरण की तारीख को बढ़ाया है।उत्तर प्रदेश में राशन कार्डधारकों के लिए राहत की खबर है। मई माह के राशन वितरण की तारीख को छह दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। अब कार्डधारक 14 मई तक राशन ले सकते हैं। आठ मई तक राशन वितरण पूरा न हो पाने को देखते हुए शासन ने वितरण की तारीख को बढ़ाया है। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो राशन मिलेगा। जिसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल होगा। जबकि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन दिया जाएगा। इसमें दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल मिलेगा।मई माह के राशन का वितरण इसबार 24 अप्रैल से ही शुरू हो गया था। आठ मई तक राशन का वितरण किया जाना था। कई जिलों के जिलाधिकारियों ने अवगत कराया कि आठ मई तक राशन वितरण पूरा नहीं हो पाएगा। कार्डधारक राशन प्राप्त करने से वंचित न रह जाए इसे देखते हुए शासन ने वितरण की तारीख को बढ़ाकर 14 मई किए जाने का निर्णय लिया है। अब मोबाइल ओटीपी के जरिए कार्डधारक 14 मई को भी राशन ले सकते हैं। वहीं 14 मई तक कार्डधारकों को पोर्टबिलिटी के माध्यम से राशन लेने की सुविधा भी मिलेगी।राशन वितरण से संबंधित शिकायत टोल फ्री नम्बर 1967 व 1800-1800-150,डीएसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि 14 मई तक राशन का वितरण किया जाएगा। राशन का वितरण सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक किया जाएगा। कार्डधारक नि:शुल्क राशन वितरण से संबंधित शिकायत टोल फ्री नम्बर 1967 व 1800-1800-150 पर कर सकते हैं। शिकायत सही पाये जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही हर राशन की दुकान पर पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में इस समय मैं 3.62 करोड़ राशन कार्ड बने हुए हैं और इसे 14.68 करोड़ लाभार्थी जुड़े बताए जाते हैं। इनमें 3.20 करोड़ से अधिक कार्ड धारक परिवार को हर सदस्य को 5 किलो राशन वितरित किया जा रहा है।10 लाभार्थियों को आईरिस प्रमाणीकरण से देना होगा राशन,गेहूं-चावल का वितरण ई-वेइंग लिंक्ड ई-पॉश मशीनों से होता है। इस दौरान उंगलियों के निशान के माध्यम से बॉयोमिट्रिक प्रमाणीकरण किया जाता है। अब कोटे की दुकानों पर ई-पॉश मशीनों से आईरिस स्कैनर मैप किया गया है। आईरिस स्कैनर द्वारा बॉयोमिट्रिक प्रमाणीकरण कराने की व्यवस्था को क्रियाशील बनाने के लिए विभाग ने हर कोटेदार को अनिवार्य रूप से कम से कम 10 लाभार्थियों का आईरिश स्कैनर द्वारा बॉयोमिट्रिक प्रमाणीकरण करते हुए खाद्यान्न वितरण किए जाने के निर्देश दिए हैं।
