उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
मिडिल ईस्ट में ताव से उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल संकट गहरा गया है। देहरादून में कई पेट्रोल पंपों पर सिर्फ एक दिन का स्टॉक बचा है। कई छोटे पंप ड्राई हो चुके हैं।मध्य पूर्व में तनाव के चलते पैदा हुए संकट के बाद तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को ईंधन उधार देना बंद कर दिया है। एडवांस जमा करने के बाद ही पेट्रोल और डीजल मिल रहा है। एक माह पूर्व तक कंपनियां पांच दिन का तेल उधार दे देती थीं।नियमों में बदलाव से बड़े पंपों पर दो से तीन दिन का ही ईंधन है, जबकि छोटे और निजी पंप खाली होने की स्थिति में हैं। गुरुवार को देहरादून समेत कई जगहों पर पंपों पर तेल खत्म होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी सप्लाई प्रभावित हुई है। अल्मोड़ा में पांच में से चार पंपों में गुरुवार शाम तक ईंधन खत्म हो गया था। बागेश्वर में दो पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया है।पंप संचालकों का कहना है कि इन दिनों चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन पीक पर चल रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों खासकर वीकेंड पर व्यवस्था चरमरा सकती है। पूर्ति विभाग के अनुसार वर्तमान में उत्तराखंड में 900 से अधिक पेट्रोल पंप हैं। रोजाना करीब 45 लाख लीटर पेट्रोल और 27 लाख लीटर डीजल की खपत है। अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती ने बताया कि तेल कंपनियां पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन हैं। उत्तराखंड में पर्याप्त पेट्रोल पंप हैं। कुछ पंपों पर दिक्कत होने से व्यवस्था पर फर्क नहीं पड़ेगा। विभाग की ओर से नियमित निगरानी की जा रही है।दून के पेट्रोल पंपों पर तेल की दिक्कत,तेल कंपनियां के तेल की सप्लाई से पहले एडवांस भुगतान लेने के चलते पंप खाली हो रहे हैं। बड़े पंपों पर दो से तीन दिन का ही ईंधन बचा है, जबकि छोटे और निजी पंपों पर तेल की किल्लत हो रही है। पंप एक दिन में ही खाली हो रहे हैं।देहरादून में वर्तमान में करीब 100 पेट्रोल पंप हैं, जिनके पास तीन दिन का ही स्टॉक बाकी है। वहीं, कुछ निजी पेट्रोल पंपों के पास एक दिन का ही स्टॉक है, जबकि कुछ शाम तक खाली हो रहे हैं। गुरुवार को किद्दूवाला स्थित पेट्रोल पंप पर दिन में ही तेल खत्म हो गया था, जिसके चलते लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।छोटे पंप ड्राई, बड़े पंपों पर तीन दिन का स्टॉक बचा,पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष मित्तल ने बताया कि तेल संकट से पहले कंपनियां 40 लाख रुपये का पेट्रोल और डीजल पेट्रोल पंपों को उधार दे दिया जाता था, जिसका भुगतान चार दिन के अंदर करना होता था। अब यह व्यवस्था खत्म है। उन्होंने बताया कि फिलहाल देहरादून के बड़े पंपों के पास तीन दिन तक का स्टॉक है। एक पंप की क्षमता 50 हजार लीटर से लेकर एक लाख लीटर तक है। उन्होंने बताया कि एडवांस भुगतान के कारण पंपों के सामने आपूर्ति की समस्या आ रही है। यदि भुगतान की समस्या बनी रही तो पेट्रोल आपूर्ति पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।
गढ़वाल मंडल में पहले एडवांस दो फिर मिलेगा ईंधन
देहरादून। पौड़ी के पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि पेट्रोल डीजल को लेकर अभी किसी तरह की परेशानी तो नहीं है, लेकिन कंपनियों को डिमांड पहले करनी पड़ रही है। श्रीनगर रोड पर संचालित कुलदीप फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक विजय रावत के मुताबिक स्टॉक के हिसाब से पेट्रोल डीजल मिल रहा है। हरिद्वार और रुड़की में भी यही स्थिति है। पिछले दो महीनों से कंपनियां पेट्रोल पंप स्वामियों को बिना एडवांस के तेल नहीं दे रही है। वहीं, आईओसी के एरिया सेल्स मैनेजर अमित सैनी ने कहा कि सभी पंपों पर रेगुलर डिमांड के अनुरूप तेल की सप्लाई की जा रही है। चमोली में पंपों पर तेल का स्टॉक कम हो रहा है। कोटद्वार में केदार फिलिंग स्टेशन के मालिक अखिलेश नेगी ने बताया कि बिना एडवांस ईंधन नहीं दिया जा रहा है। उधर, नई टिहरी में पेट्रोल पंप के प्रबंधक चंदन सजवाण ने बताया कि हर तेल की गाड़ी का एडवांस भुगतान करना पड़ रहा है।कुमाऊं मंडल मेंप्रभावित होने लगी तेल आपूर्ति पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों को उधार में तेल देना बंद किए जाने के बाद कुमाऊं के कई जिलों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। अब कंपनियां एडवांस भुगतान या कैश एंड डिलीवरी सिस्टम पर ही पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करा रही हैं। ऊधमसिंह नगर में 210 पेट्रोल पंप संचालित हैं। जिले में स्टॉक में 32.36 लाख लीटर पेट्रोल और 31.30 लाख लीटर डीजल मौजूद है। हल्द्वानी में 30 पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन औसतन 12 हजार लीटर प्रति पंप मांग रहती है, लेकिन 5 से 6 हजार लीटर ही उपलब्ध हो पा रहा है। शाम तक कई पंप ड्राई हो रहे हैं। लालकुआं और लामाचौड़ स्थित दो पंपों पर बुधवार शाम तेल नहीं मिला। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी सप्लाई प्रभावित है। अल्मोड़ा में पांच में से चार पेट्रोल पंपों में गुरुवार शाम तक ईंधन खत्म हो गया। बागेश्वर में दो पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया।
सीएनजी में तब्दील होंगे एलपीजी ऑटो
ईंधन संकट को देखते हुए परिवहन विभाग ने राज्य के सार्वजनिक परिवहन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। अब राज्य भर में चलने वाले एलपीजी ऑटो को सीएनजी में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। अकेले देहरादून में 300 से अधिक एलपीजी ऑटो संचालित हैं। संचालकों की इसी समस्या को देखते हुए परिवहन विभाग ने सीएनजी किट फिट कराने के निर्देश दिए हैं। परिवहन उपायुक्त सुनील शर्मा ने दून में इसे लेकर ऑटो संचालकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
स्टोर करने के लिए नहीं मिल रहा ईंधन
तेल कंपनियों ने एडवांस पेमेंट के साथ कंटेनरों में तेल देने पर भी पूर्ण पाबंदी लगा दी है। केवल उपयोग के लिए ही डीजल पंपों से दिया जा रहा है। कंपनियों को रोज की खपत के हिसाब जनरेटर के लिए डीजल दिया जा रहा है। ईंधन के स्टोर पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ निगरानी की जा रही है।
वीकेंड पर चरमरा सकती है व्यवस्था
उत्तराखंड में इन दिनों पर्यटन और चारधाम सीजन पीक पर चल रहा है। वीकेंड पर नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश और अन्य पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में वीकेंड पर तेल का संकट गहरा सकता है। इससे स्थानीय लोगों के साथ आगंतुक भी परेशान होंगे।
लोनिवि मुख्यालय में होगा इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग
सरकार की ओर से ईंधन की बचत के लिए ईवी को बढ़ावा दिए जाने के निर्णय के बाद लोनिवि मुख्यालय में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को लेकर कवायद शुरू हो गई है। लोनिवि के एचओडी राजेश शर्मा ने बताया कि विभाग में वाहनों के लिए जिस ट्रांसपोर्टर के जरिए गाड़ियों को हायर किया गया है, उसे ईंधन से चलने वाली गाड़ियों के बजाए इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सेवा देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के मुख्यालय में कार्यरत इंजीनियरों को पूलिंग के जरिए ऑफिस आने के निर्देश दिए गए हैं।
