उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो
पंचायती राज दिवस के अवसर पर उत्तराखंड हेरिटेज स्कूल ऑफ मीडिया एंड एडवांस्ड स्टडीज, सैंगुइन वी केयर वेलफेयर सोसाइटी तथा उत्तराखंड हेरिटेज मीडिया के समन्वय से राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर “आत्मनिर्भर भारत राष्ट्रीय ग्राम्य सशक्तिकरण पुरस्कार 2026” का भी आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की फाउंडर एवं डायरेक्टर डॉ. कंचन नेगी द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत के साथ हुई। इसके पश्चात देशभर से आए ग्राम प्रधानों, समाजसेवकों एवं शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।सम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में जम्मू कश्मीर से पूर्व ज़िला पंचायत अध्यश -सफीना बेग, डॉ. स्वाति नेगी (सर्वश्रेष्ठ शिक्षक प्रबंधन), दीपिका चौहान (बेस्ट प्रधान), संगीता देवी (आउटस्टैंडिंग सरपंच), सुधीर रतौड़ी (सर्वश्रेष्ठ ग्राम प्रधान), इमरान खान (सर्वश्रेष्ठ मास्टर ट्रेनर) तथा अनमोल भट्ट (स्वच्छ भारत मिशन हेतु समाजसेवक) शामिल रहे।कार्यक्रम में यूनिवर्सल अकैडमी और हिमालयन पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी भी रही, विशेष रूप से वे विद्यार्थी जिनके पाठ्यक्रम में पंचायती राज व्यवस्था सम्मिलित है। इस कार्यशाला ने उन्हें जमीनी स्तर पर कार्य कर रहेजनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवकों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया।मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज हमारे देश की सबसे पुरानी एवं सशक्त व्यवस्था है, जिसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए पंचायतों तथा समाज के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय आवश्यक है। वहीं डॉ. कंचन नेगी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को पंचायती राज प्रणाली से परिचित कराना और उन्हें जमीनी नेतृत्व से जोड़ना है, ताकि लोकतंत्र की यह आधारभूत संरचना और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम में डॉ. के. एस. नेगी, सुशीला नेगी, बिरेन्द्र सिंह, आंचल बिष्ट, नीरू सिंह एवं अंकिता नेगी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।यह आयोजन न केवल पंचायती राज व्यवस्था की महत्ता को उजागर करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले व्यक्तियों के कार्यों को सम्मानित कर प्रेरणा का स्रोत भी बनता है।

