उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
रुद्रपुर ( कुमाऊं के पहले हाईटेक बस टर्मिनल निर्माण की राह अब आसान होती दिख रही है।बस टर्मिनल के निर्माण में बाधक बन रहीं करीब 48 दुकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। इन दुकानदारों को 2021 से बार-बार नोटिस देने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक नहीं हटाया जा सका है। इस कारण कार्यदायी संस्था काम नहीं कर पा रही है।
प्रशासन सीधे चलाएगा बुलडोजर
अब प्रशासन ने तत्काल इस पर निर्णय लेने को कहा है। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को फोन कर बुधवार को इन्हें हटने की मुनादी कराने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि मुनादी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। 27 जून तक अगर यह नहीं हटते हैं तो प्रशासन सीधे बुलडोजर चलाएगा।रुद्रपुर में वर्षों पुराना बस अड्डा है। जहां से सभी राज्यों के लिए बसों का संचालन होता है। लेकिन अब औद्योगिक आस्थानों की स्थापना के बाद रुद्रपुर कुमाऊं की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचान बना चुका है। औद्योगिक इकाइयों में लाखों श्रमिक काम कर रहे हैं।इससे आवागमन भी पहले की अपेक्षा काफी बढ़ा है। इसको देखते हुए यहां के बस अड्डे को अपडेट करने की कसरत शुरू हुई। मुख्यमंत्री ने यहां हाईटेक बस टर्मिनल बनाने की घोषणा की। जिसके क्रम में पुराने बस अड्डे की साढ़े तीन एकड़ भूमि पर ही बस टर्मिनल बनाने का खाका खींचा गया।परिवहन निगम के साथ बस टर्मिनल बनाने का एग्रीमेंट कार्यदायी संस्था सीआरएस इंफ्रा प्रोजेक्ट के साथ 2016 में किया गया। तब से इसके निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
दो महीने से इस प्रक्रिया में गति आई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान लेने के बाद दो महीने से इस प्रक्रिया में गति आई है। बस अड्डे के सामने रामपुर रोड साइड के पुराने भवन तो तोड़ दिए गए हैं, लेकिन किच्छा बाईपास साइड में उक्त भूमि पर बनीं करीब 48 दुकानें अभी भी नहीं हटी हैं।मंगलवार को अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने इस पर संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग के ईई को निर्देश दिए कि बुधवार को इन दुकानदारों को हटने की मुनादी कराई जाए, साथ ही वीडियोग्राफी भी की जाए।27 जून तक नहीं हटने पर बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा। इस पर आने वाला खर्चा इन दुकानदारों से ही वसूला जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त से भी इस पर चर्चा की।
पीपीपी मोड पर चलेगा टर्मिनल, 400 बसों का है आवागमन
हाईटेक बस टर्मिनल पीपीपी मोड में संचालित किया जाएगा। इसका निर्माण पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था सीआरएस इंफ्रा प्रोजेक्ट करीब 25 तक इसका संचालन करेगी।80 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे टर्मिनल में सिनेमाघर, माल, यात्रियों को ठहरने के लिए वातानुकुलित विश्रामालय, कैंटीन व पेट्रोल पंप आदि की व्यवस्था रहेगी। उक्त टर्मिनल से रोजाना दिल्ली, लखनऊ, हरियाणा समेत सभी राज्यों के लिए करीब 400 बसों का आवागमन रहेगा।
