उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा गबन प्रकरण पर राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन की प्रमुख ऐतिहासिक मांगें,राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष श्री सोहन गिरी ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान एवं चढ़ावे से संबंधित कथित गबन प्रकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, विश्वास एवं सनातन संस्कृति से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सिद्ध होती है तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रभु श्रीराम के चरणों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित प्रत्येक रुपये की सुरक्षा एवं पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करना सरकार एवं संबंधित संस्थाओं की नैतिक तथा संवैधानिक जिम्मेदारी है।मीडिया में प्रकाशित समाचारों एवं जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई के अनुसार मंदिर की दान गणना व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है तथा कुछ व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई है। राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन का मत है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, व्यापक एवं पारदर्शी जांच अत्यंत आवश्यक है ताकि सत्य देश के सामने आ सके।
एसआईटी जांच पर संगठन का मत
राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस प्रकरण की जांच हेतु तत्काल विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्णय का स्वागत करता है। संगठन का मानना है कि राज्य सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करना एक सकारात्मक एवं सराहनीय कदम है।किन्तु संगठन का मत है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, मंदिर से जुड़े व्यापक आर्थिक पक्ष तथा प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए केवल एसआईटी जांच पर्याप्त प्रतीत नहीं होती। संगठन का विश्वास है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा विशेष वित्तीय ऑडिट कराए जाने से देशभर के श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा संपूर्ण सत्य निष्पक्ष रूप से सामने आ सकेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले का वक्तव्य
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने इस प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कठोरतम दंड मिलना चाहिए तथा मंदिर की व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच तथा समाज से संयम बनाए रखने का भी आग्रह किया।राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन उनके इस विचार का स्वागत करता है तथा मानता है कि केवल दोषियों को दंड देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि ऐसी स्थायी एवं पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करनी होगी जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन की प्रमुख मांगें
1. यदि सक्षम जांच एवं विधिक प्रक्रिया में प्रशासनिक उत्तरदायित्व अथवा गंभीर चूक स्थापित होती है तो वर्तमान ट्रस्ट की भूमिका की व्यापक समीक्षा की जाए तथा आवश्यक विधिक प्रक्रिया के अनुसार उसके पुनर्गठन अथवा अन्य उपयुक्त प्रशासनिक व्यवस्था पर विचार किया जाए।
2. न्यायालय एवं कानून के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया अपनाते हुए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा, प्रशासन एवं वित्तीय प्रबंधन हेतु भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता वाला एक विशेष प्रशासनिक बोर्ड गठित किया जाए। संगठन का विश्वास है कि भारतीय सेना की अनुशासनप्रियता, ईमानदारी एवं राष्ट्रनिष्ठा से श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
3. पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए ताकि किसी भी संभावित व्यापक साजिश अथवा वित्तीय अनियमितता का निष्पक्ष एवं स्वतंत्र खुलासा हो सके।
4. पिछले पाँच वर्षों में प्राप्त दान, नकदी, स्वर्ण, रजत एवं अन्य संपत्तियों का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा विशेष वित्तीय ऑडिट कराया जाए।
5. जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए तथा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति कानून के अनुसार जब्त की जाए।
6. दान प्रबंधन प्रणाली को पूर्णतः डिजिटल बनाया जाए, प्रत्येक दान का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाए, सीसीटीवी निगरानी को और सुदृढ़ किया जाए तथा समय-समय पर स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
7. जब तक मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब तक अपुष्ट एवं भ्रामक समाचारों तथा अफवाहों के प्रसार से बचा जाए तथा केवल आधिकारिक एवं सत्यापित जानकारी ही सार्वजनिक की जाए।
श्री सोहन गिरी का वक्तव्य
“प्रभु श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। यदि श्रद्धालुओं के दान में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन किसी व्यक्ति, संस्था अथवा संगठन को लक्ष्य बनाकर नहीं, बल्कि सत्य, पारदर्शिता एवं जन-आस्था की रक्षा के उद्देश्य से यह मांग कर रहा है।हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एसआईटी जांच के आदेश का स्वागत करते हैं, किन्तु संगठन का मत है कि इस अत्यंत संवेदनशील विषय में सीबीआई जांच एवं सीएजी द्वारा विशेष ऑडिट से ही देशभर के श्रद्धालुओं का विश्वास पूर्ण रूप से सुदृढ़ होगा।यदि सरकार एवं सक्षम संवैधानिक संस्थाएं उचित समझें तथा विधिक प्रक्रिया के अनुरूप निर्णय लें, तो मंदिर की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता भी श्रद्धालुओं के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ कर सकती है।”
संगठन का संकल्प
राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन राष्ट्र, धर्म एवं समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था अथवा संगठन की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था तथा दान व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।हम भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार एवं संबंधित संवैधानिक संस्थाओं से आग्रह करते हैं कि इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निष्पक्ष जांच, उत्तरदायित्व निर्धारित करने तथा आवश्यक प्रशासनिक सुधारों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें।राष्ट्रहित सर्वोपरि — प्रभु श्रीराम की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और पारदर्शी व्यवस्था हमारा संकल्प है।
