उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
करबला के पास स्थित कब्रिस्तान में अतिक्रमण मामला लगातार रविवार को फिर तूल पकड़ गया।
प्रशासन के नोटिस के बाद अतिक्रमणकारी इमाम ने स्वयं ही निर्माण ध्वस्त कर लिया था, लेकिन कब्रिस्तान की भूमि मुक्त कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय सेवा संघ के कार्यकर्ता हल्द्वानी व अन्य जगहों से अल्मोड़ा के लिए निकल गए।कानून व्यवस्था ना बिगड़े इसलिए पुलिस ने उन्हें क्वारब के पास ही रोक लिया। यहां 30 लोगों को हिरासत में लेकर रानीखेत कोतवाली भेजा गया और शाम को छोड़ा गया।करबला में स्थित कब्रिस्तान के पास कुछ समय पूर्व एक कक्ष व शौचालय का निर्माण किया गया था। हिंदूवादी संगठन की ओर से इसकी सूचना प्रशासन को दी गई थी।प्रशासन की जांच में निर्माण अवैध पाया गया। इस पर 25 अप्रैल को निर्माणकर्ता कब्रिस्तान के इमाम असरफ अली को सात दिन के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटाने का नोटिस जारी किया गया।एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि नोटिस के बाद असरफ अली ने कक्ष स्वयं तोड़ लिया जबकि शौचालय सार्वजनिक उपयोग का था।वहीं, रविवार को राष्ट्रीय सेवा संघ के अध्यक्ष हिमांशु जोशी के नेतृत्व में 25 से 30 लोग हल्द्वानी सहित अन्य स्थानों से करबला के लिए निकल गए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर था।रविवार को सुबह ही पुलिस टीम क्वारब पहुंच गई। संगठन से जुड़े लोग वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें समझाया लेकिन वे ध्वस्तीकरण वाले स्थल पर जाने की जिद पर अड़े रहे।जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें हिरासत में ले रानीखेत कोतवाली पहुंचाया। संगठन के लोगों का कहना था कि कब्रिस्तान को दी गई 400 नाली भूमि को मुक्त कराकर वहां अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाए जाए।
