उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच आजकल एथेनॉल का नाम हर तरफ गूंज रहा है. यह एक तरह का बायोफ्यूल है जिसे गन्ने के रस से तैयार किया जाता है. जब सरकार पेट्रोल में इसे मिक्स करने की बात करती है, तो इसका सीधा फायदा हमारे देश के गन्ना किसानों को मिलता है. क्योंकि इससे उनकी आमदनी बढ़ने का एक नया रास्ता खुल जाता है.गन्ने से एथेनॉल बनाने का प्रोसेस काफी दिलचस्प है और यह चीनी मिलों या डिस्टिलरी में बड़े पैमाने पर होता है. सबसे पहले खेतों से गन्ना काटकर मिलों में लाया जाता है, जहां मशीनों के जरिए इसका रस निकाला जाता है. इस गन्ने के रस को भारी मात्रा में इकट्ठा करके बड़े-बड़े कंटेनर्स या टैंक्स में स्टोर किया जाता है जिससे आगे का प्रोसेस शुरू हो सके.रस निकालने के बाद सबसे मुख्य स्टेप होता है फर्मेंटेशन. जिसे हिंदी में किण्वन भी कहते हैं. इस प्रोसेस में गन्ने के रस में खास तरह का यीस्ट या बैक्टीरिया मिलाया जाता है. यह यीस्ट रस में मौजूद नेचुरल शुगर को धीरे-धीरे अल्कोहल में बदलना शुरू कर देता है. इस पूरे केमिकल रिएक्शन में कुछ समय लगता है जिससे एक कच्चा अल्कोहल लिक्विड तैयार होता है.
