
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
अवेलेनोसा डे मुन्यो एक ख़ास रात के लिए तैयारी कर रहा है. यहाँ न के बराबर लोग रहते हैं. कोई रेस्टोरेंट नहीं है और शायद ही कोई घूमने आता है.बात उत्तरी स्पेन के बुर्गोस प्रांत में बसा छोटा सा गाँव अवेलेनोसा डे मुन्यो की.यहाँ एक बार है जो कभी नहीं खुलता और एक शराब का गोदाम है जो अब कभी नहीं खुलेगा.लेकिन अगर आप ध्यान से सुनें, तो एक धीमी धुन सुनाई देने लगती है. तेज़ गर्मी की धूप में झुलसी लैवेंडर की झाड़ियों के आस-पास मंडराती मधुमक्खियों की धीमी गूंज सुनाई देती है.उनके ऊपर पत्थर की छतों के बीच तेज़ी से उड़ती काली-सफ़ेद स्वैलो चिड़ियां की चहचहाहट लगभग ख़ाली सड़कों पर गूंजती है. घरों के बाहर किसी अकेले ट्रैक्टर की आवाज़ ही अक्सर इंसानी ज़िंदगी का एकमात्र धुंधला निशान होती है.ऐसा तब तक होता है, जब तक पास की बेकरी से एक साधारण सी सफ़ेद वैन हफ़्ते में एक बार यहाँ रहने वाले कुछ लोगों को ब्रेड पहुंचाने के लिए आती है. उस दौरान गांव की सुस्ती भरी शांति कुछ देर के लिए टूट जाती है.इन कुछ लोगों के लिए यही वह चीज़ है जो उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आकार देती है. एक ऐसी जगह जहाँ ज़्यादातर दिनों में असल में कुछ भी नहीं होता.फिर भी इस गर्मी में यह गांव जो आम तौर पर सन्नाटे और ख़ालीपन के लिए जाना जाता है, दुनिया की सबसे रोमांचक जगहों में से एक बन जाएगा.
