उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
नैनीताल के डीएम ललित मोहन रयाल ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत चार अपराधियों को छह महीने तक जिले की सीमा से बाहर रहने के लिए आदेश जारी किए हैं। इनमें रोहित पांडे, देव सिंह जाटव, गौरव मेहंदी रत्ता और हिमांशु पंत शामिल हैं। इसके अलावा, तीन अन्य लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।नैनीताल, वरिष्ठ संवाददाता। डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए चार अपराधियों को छह माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं। तीन अन्य लोगों के विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी है।डीएम की ओर से शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, रोहित पांडे पुत्र मदन पांडे, निवासी बैड़ाझाल थाना रामनगर के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट व भारतीय दंड संहिता के तहत कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि वह कुछ मामलों में दोषमुक्त हो चुका है, जबकि कुछ मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं।प्राप्त सूचना अनुसार, चुनाव के दौरान दो अलग-अलग अवसरों पर अपराध कारित करने व सार्वजनिक स्थल पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करने जैसे गंभीर आरोप भी उसके विरुद्ध दर्ज हैं। ऐसे में उसे छह माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं। देव सिंह जाटव पुत्र रघुवीर, निवासी गाड़ीपड़ाव मल्लीताल, नैनीताल के विरुद्ध चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, एनडीपीएस अधिनियम व पशु क्रूरता अधिनियम सहित अनेक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गतिविधियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने उसे भी छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। गौरव मेहंदी रत्ता पुत्र संजय मेहंदी रत्ता, निवासी आवास विकास हल्द्वानी के विरुद्ध आईपीसी एवं बीएनएस के तहत आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हिमांशु पंत उर्फ पटाखा, निवासी आवास विकास हल्द्वानी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट तथा आईपीसी की धाराओं 379 और 411 सहित कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों की आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से उन्हें भी छह माह के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर चंदन टाकुली, निवासी तिवारी नगर बिंदुखत्ता, विश्वनाथ पुत्र किशोरी लाल, निवासी बंगाली कॉलोनी लालकुआं और जीवन कनवाल, थाना काठगोदाम के विरुद्ध संचालित गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी गई है।
