उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
पर्यटकों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए स्थानीय लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। काठगोदाम से ऊपर दोपहिया वाहन नहीं जा सके। इसके अलावा, पुलिस ने रानीबाग तक जाने वाले आटो को काठगोदाम में ही रोक दिया।इस कारण स्थानीय लोगों को काठगोदाम से रानीबाग तक कड़ी धूप में करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। इसे लेकर लोगों ने नाराजगी जताई।
बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या
नैनीताल रोड पर काठगोदाम और गौलापार से नरीमन तिराहा तक सड़कें वाहनों की भीड़ रही। वीकेंड की शुरुआत से पहले शुक्रवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के लोग पहाड़ों की वादियों में सैर को निकलने लगे हैं। स्कूलों की छुट्टियों की वजह से पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है।शुक्रवार को पुलिस ने ट्रैफिक प्लान भी लागू नहीं किया था। इससे काठगोदाम क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसे लेकर ट्रैफिक नियंत्रण में पुलिस के पसीने छूट गए। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को झेलना पड़ा। काठगोदाम से रानीबाग तक पैदल चले। गौलापार जाने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। छोटे बच्चे व भारी बैग के साथ लोगों को पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा।इधर, स्थानीय लोग खड़ी रोडवेज बसों के पहियों में पांव रखकर खिड़कियों के रास्ते सीट पाने के लिए अंदर घुस गए। हल्द्वानी डिपो के एआरएम संजय पांडेय ने बताया कि आठ बसें नैनीताल के लिए चलती हैं।भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त तीन बसें चलानी पड़ीं। कुल 11 बसों ने नैनीताल रूट में 26 फेरे लगाए हैं। वहीं, काठगोदाम डिपो के एआरएम गणेश पंत ने बताया कि ईद पर्व के चलते शनिवार को दिल्ली से लौटने वाली बसों में भीड़ की संभावना जताई जा रही है।
